कुचामन नगर परिषद के आगामी निकाय चुनाव पिछली बार की तरह इस बार भी सुर्खियों में हैं। आज 27 अगस्त से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

नामांकन के पहले दिन से ही उपखंड कार्यालय में चुनावी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचकर नामांकन आवेदन जमा करवा रहे हैं।

तीन दिन ही मिलेगा नामांकन का मौका, उपखंड कार्यालय में जुटी भीड़
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। हालांकि बीच में अवकाश होने के कारण प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने के लिए केवल तीन दिन 27, 29 और 31 अगस्त ही मिलेंगे। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार होने के कारण दोनों दिन सरकारी अवकाश रहेगा।
इसी वजह से नामांकन के लिए पहले ही दिन प्रत्याशियों की भीड़ उपखंड कार्यालय में नजर आई। सुबह से ही विभिन्न वार्डों के उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेज लेकर आवेदन जमा कराने के लिए पहुंचते रहे।

उपखंड अधिकारी सुरेंद्र चौधरी के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रत्याशी अपना नामांकन आवेदन दाखिल करवा रहे हैं।
नामांकन दाखिल करने का समय 31 अगस्त को दोपहर 3 बजे तक रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि होगी। मतदान दो चरणों में 9 सितंबर और 11 सितंबर को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी।
सोशल मीडिया पर भी शुरू हुई चुनावी कैंपेनिंग
निकाय चुनाव का कार्यक्रम जारी होते ही चुनावी कैंपेनिंग भी जोर पकड़ने लगी। कई संभावित उम्मीदवार सोशल मीडिया पर अपने-अपने वार्ड और पसंदीदा राजनीतिक दल के साथ नजर आ रहे हैं। व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई दावेदारों ने अपनी चुनावी तैयारी का संकेत देना शुरू कर दिया है।
हालांकि अंतिम रूप से किस पार्टी की ओर से किस उम्मीदवार को पार्टी का चुनाव चिन्ह मिलेगा, यह अभी तय होना बाकी है। इसके बावजूद संभावित प्रत्याशियों की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है।
महिला आरक्षण ने कई दिग्गजों की बढ़ाई चिंता
कुछ ऐसे वार्ड हैं, जहां वर्षों से सक्रिय नेता इस बार चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि संबंधित वार्ड महिला आरक्षित हो गए हैं।
वार्ड नंबर 19 की बात करें तो यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता छीतरमल कुमावत लंबे समय तक पार्षद रहे हैं और वार्ड की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है। लेकिन इस बार वार्ड महिला आरक्षित होने के कारण वे स्वयं चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में इस बार वार्ड में नए चेहरे राजनीति में उतरते दिखाई देंगे। इसी तरह अन्य महिला आरक्षित वार्डों में भी लंबे समय से सक्रिय कई नेताओं के सामने चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
हालांकि सभापति पद को लेकर स्थिति अलग है। मौजूदा नियमों के तहत सभापति पद के लिए सीधे पार्षद का चुनाव जीतना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में पार्षद का चुनाव लड़े बिना भी कई नेता सभापति पद की दौड़ में शामिल होने का सपना देख सकते हैं। पिछली बार हाइब्रिड प्रणाली के तहत ऐसा ही देखने को मिला था, जब आसिफ खान सभापति बने थे।
भाजपा-कांग्रेस की बैठकों के बीच RLP भी उतार रही उम्मीदवार
कुचामन सिटी में एक ओर राजनीतिक दल लगातार बैठकें और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा है।
भाजपा और कांग्रेस में प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) भी अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में है। हालांकि पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची कब जारी करेंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल आज से कुचामन में निकाय चुनाव का माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार लगातार उपखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं।






