कुचामन गौशाला में गौवंश के गोबर से गौकाष्ठ का उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने की बजट घोषणा के तहत प्राप्त गौकाष्ठ मशीन के माध्यम से यह उत्पादन किया जा रहा है।


तैयार किया गया गौकाष्ठ लकड़ी के विकल्प के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति इसे गौशाला द्वारा निर्धारित शुल्क पर खरीद सकते हैं।

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. भगत सिंह ने बताया कि गौकाष्ठ मशीन के माध्यम से उत्पादन की यह पहल राज्य सरकार की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष गोपालन विभाग, जयपुर द्वारा होली जैसे पावन पर्व पर होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ठ के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इससे पेड़ों की कटाई पर रोक लगेगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा वातावरण की शुद्धि में भी सहायता मिलेगी।
प्रभारी जिला गोपालन शाखा डॉ. मुकेश बिलोनियां ने बताया कि गौशाला में निर्मित गौकाष्ठ का उपयोग मोक्ष धाम/अंत्येष्टि स्थल, फैक्ट्री बॉयलर, रेस्टोरेंट, होटल-ढाबों तथा मंदिरों में हवन आदि कार्यों में किया जा सकता है।
कुचामन सिटी में होटल-ढाबा चेकिंग और नाकाबंदी, 3 संदिग्ध गिरफ्तार, 237 चालान






