
– वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे है अनिलसिंह मेड़तिया
– पार्टी और जनता के साथ भ्रष्टाचार के विरुद्ध है मेड़तिया
….किस्सा कुर्सी का पार्ट 11

हेमन्त जोशी @ कुचामनसिटी। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दल अब टिकटें जारी करने का मानस बना चुके है। संभव है इसी माह के आखिरी दिनों में टिकटों का वितरण शुरु कर दिया जाएगा।
ऐसे में नेता भी अब जनता के मुद्दों पर अपने चुनावी प्रचार में जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ-साथ सियासी गलियारों में भाजपा में दावेदारों की चर्चाएं भी जोरों पर है। टिकट मांगने वाले दावेदार जहां सक्रिय होकर कार्य कर रहे हैं वहीं राजनीतिक दल भी अपना दम-खम दिखाने के लिए प्रयासरत है।


भाजपा जहां कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रही है वहीं कांग्रेस लोकलुभावनी योजनाओं से जनता का दिल जीतने का प्रयास कर रही है।

हम बात कर रहे हैं नावां विधानसभा क्षेत्र की। यहां की राजनीति पर नजर डाले तों पिछले कुछ समय से सामान्य वर्ग और राजपूत समाज से अनिलसिंह मेड़तिया भी सक्रिय रुप से अपनी भागीदारी निभा रहे है। शहर के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का मुद्दा हो या क्षेत्र की समस्याओं पर कांग्रेस के घेरने का मुद्दा। हरजगह अपनी आवाज को बेबाकी से उठाने वाले अनिलसिंह भी भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
खास बात तो यह है कि अनिलसिंह ने पिछले दिनों विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत होने तक अपने घर का भी त्याग कर दिया है। वह लावारिस गौवंश के मुद्दे पर भी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
राजनीति की ओर बढ़ते कदम…
नावां में जातिगत समीकरण को नजरअंदाज किया जाए तो सामान्य वर्ग के साथ एससी व अन्य जातियों को एकजुट रखने के साथ ही क्षेत्र के विकास व राजनीतिक एकजुटता के लिए प्रयासरत अनिलसिंह मेड़तिया भाजपा से टिकट मांग रहे हैं। नगरपरिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के साथ ही मेड़तिया विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला आयोजना समिति के सदस्य भी है।

जनता के लिए सड़कों पर उतरने वाले एकमात्र नेता है अनिलसिंह
मेड़तिया विद्यार्थी जीवन से ही संघ से जुड़ गए और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में काम किया। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रुप में अपनी सेवाएं पार्टी में देने लगे। पिछले नगरपरिषद चुनाव में अनिलसिंह मेड़तिया ने अपने वार्ड में सर्वाधिक वोटों से जीत दर्ज करवा कर कांग्रेस के नेता को हराया था। इसके बाद जिला आयोजन समिति के चुनावों में भी कई जगहों पर कांग्रेस का बोर्ड होने के बावजूद अपनी जीत दर्ज करवाई। इसके बाद भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य बनें। सामाजिक दृष्टिकोण से मेड़तिया समाजसेवा में हमेशा अग्रणी रहते है।
समाजसेवा में तत्परता
प्रत्येक समाज के विकास में सहयोग व जरुरतमंद बच्चों को शिक्षा दिलाने में अग्रणी रहने वाले अनिलसिंह ने कुचामन को जिला बनाने पर भी १० बीघा भूमि राजकीय कार्यालयों के लिए देने की घोषणा की थी। इसके लिए विभिन्न समाज के छात्रावासों के निर्माण के लिए भी मेड़तिया ने अपनी जमीनें दान की है। कोरोना काल में भी मेड़तिया ने क्षेत्र में मास्क व सेनेटाइजर, ऑक्सीजन सिलेण्डर समेत घरों में राशन सामग्री के किट वितरित करवाए थे।

समय-समय पर मेड़तिया ने अपने समाज व गरीब व पिछड़े हुए लोगों की आर्थिक रुप से मदद करने के साथ ही विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में भी अपना आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। विद्यालयों के विकास एवं जरुरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री एवं गणवेश का भी समय-समय पर वितरण किया जाता है। जिससे मेड़तिया ने सर्वसमाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। मेड़तिया के पिता भी सेना में रहकर देशसेवा कर चुके है।
बदलाव समय की मांग