कुचामन सिटी. भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रेसवार्ता आयोजित की गई।

इसमें राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने शुक्रवार को वार्ड संख्या 8 के पूर्व पार्षद मूलचंद बागड़ा के आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल जनादेश का अपमान कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो उसे जनता का जनादेश बताती है, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर सवाल उठाने लगती है। एक राज्य में जीत मिलने पर जनादेश स्वीकार किया जाता है, जबकि दूसरे राज्य में हारने पर वोट चोरी का आरोप लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि जनता ने कांग्रेस को वोट देना छोड़ दिया है और विपक्ष अपनी हार का ठीकरा चुनावी प्रक्रिया पर फोड़ रहा है।

एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का जवाब
राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल एसआईआर को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछला एसआईआर 2002-03 में हुआ था। वर्तमान पुनरीक्षण में 2.80 करोड़ मृत मतदाता, 6.3 करोड़ स्थान बदल चुके मतदाता, एक करोड़ दोहरे नाम वाले और करीब 3 करोड़ अनुपस्थित मतदाता चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सीधे नहीं काटे गए, बल्कि उन्हें सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश में पहले भी 12 बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें 10 बार कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के 13 करोड़ नाम काटने के दावे को भ्रामक बताते हुए उन्होंने कहा कि 20 लाख से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं और राजनीतिक दलों के बीएलए भी इसमें शामिल हैं। अब युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए साल में चार बार अवसर मिलता है, जबकि पहले यह प्रक्रिया साल में केवल एक बार होती थी।
मतदान से लेकर मतगणना तक विपक्ष के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं, ऐसे में वोट चोरी के आरोप किस आधार पर लगाए जा रहे हैं?
कांग्रेस के लोकतंत्र संबंधी इतिहास पर उठाए सवाल
राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने कहा कि आज कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है, जबकि उसका अपना इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत रहा है।
उन्होंने बताया कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 1971 के लोकसभा चुनाव को अमान्य घोषित किया था। इसके बाद 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू हुआ, जो 21 मार्च 1977 तक चला। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगाए गए और जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने कहा कि संविधान की धारा 356 (राष्ट्रपति शासन) का इस्तेमाल कांग्रेस शासन में 93 बार हुआ। साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकाल में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए।
फॉक्स पत्रिका की रिपोर्ट और कथित गठजोड़ का उठाया मुद्दा
चौधरी ने प्रेसवार्ता में एक प्रतिष्ठित विदेशी पत्रिका का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में प्रकाशित एक शोध आधारित लेख में दुनिया में अराजकता फैलाने वाले संगठनों और कांग्रेस के कुछ नेताओं के बीच कथित संबंधों का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि इस रिपोर्ट में बताए गए कथित रेड-ग्रीन गठजोड़ में उसकी क्या भूमिका है और क्या वह इसका हिस्सा है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन आरोपों पर देश की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
मंत्री विजय सिंह चौधरी ने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान 22 अक्टूबर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के झूठ की पोल खोलेगी और एसआईआर सहित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अपनी बात रखेगी।
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