कुचामन सिटी. शहर में आमजन को लंबे समय से परेशान कर रही स्ट्रीट लाइट और निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर नगर परिषद सभापति महेश रामचंद्रका ने आज बैठक आयोजित की।
बैठक में शहर की व्यवस्थाओं और आमजन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सभापति ने संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार के कर्मचारियों और गोशाला संचालकों से समस्याओं के समाधान को लेकर जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

10 अक्टूबर तक शहर की 10 हजार रोड लाइटों की सार-संभाल के निर्देश
बैठक में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। शहर में कई स्थानों पर लंबे समय से रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, जिसके कारण रात के समय आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण कई जगह दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है।
सभापति ने रोड लाइट ठेकेदार के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि 10 अक्टूबर तक शहर की सभी करीब 10 हजार रोड लाइटों की सार-संभाल की जाए और जो लाइटें बंद पड़ी हैं, उन्हें चालू किया जाए। साथ ही लाइटों के मेंटेनेंस का कार्य भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। लापरवाही बरतने या निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं करने पर ठेका निरस्त करने की चेतावनी दी गई।

बैठक में शहर के ऐसे क्षेत्रों को लेकर भी चर्चा हुई, जहां स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से बंद पड़ी हैं। न्यू बस स्टैंड से पदमपुरा जाने वाली सड़क पर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात में यह मार्ग सुनसान नजर आता है और रोशनी के अभाव में वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बनी रहती है। वहीं न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में भी स्ट्रीट लाइटों के उचित मेंटेनेंस की आवश्यकता बताई गई।
शहर के विभिन्न वार्डों और अन्य इलाकों में भी बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में परिषद की ओर से सभी रोड लाइटों की सार-संभाल कर बंद लाइटों को जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 बीघा जमीन में खुलेगी नंदीशाला, गोशाला संचालक करेंगे संचालन
बैठक में शहर में बढ़ती निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर भी गोशाला संचालकों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शहर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर निराश्रित गोवंश के घूमने से आमजन को होने वाली परेशानी और यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा की गई।
नगर परिषद की ओर से 10 बीघा जमीन में नंदीशाला खोलने की जानकारी दी गई। नंदीशाला का संचालन गोशाला संचालकों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की ओर से प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपए दिए जाने की जानकारी दी गई। नंदीशाला के निर्माण का कार्य नगर परिषद द्वारा टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से करवाया जाएगा।
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