कुचामन सिटी. दिगम्बर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म की श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना एवं विधान किया गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को छल-कपट का त्याग कर मन, वचन और कर्म में सरलता एवं एकरूपता अपनाने का संदेश दिया गया।

डीडवाना रोड स्थित 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रावकों ने श्रीजी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा कर पुण्यार्जन किया। अभिषेक एवं शांतिधारा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिभाव से गूंज उठा।
शांतिधारा का पुण्यार्जन रामेश्वर लाल-सुशील कुमार गगवाल परिवार, महावीर प्रसाद-पंकज-संतोष काला परिवार, विनय कुमार-क्षितिज कुमार गगवार परिवार तथा शांति देवी-भागचंद-अशोक कुमार अजमेरा परिवार ने प्राप्त किया।

नवीन काला ने बताया कि संगीतकार पदमेश भरतपुर टीम की सुमधुर भजनों एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों के बीच देव-शास्त्र-गुरु पूजा, समुच्चय चौबीस पूजा, सोलहकारण पूजा, पंचमेरु पूजा, दशधर्म पूजा एवं दशधर्म विधान के तहत उत्तम आर्जव धर्म की विशेष पूजा की गई। मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष अर्घ्य समर्पित किए।
सायंकाल भगवान की आरती, सामायिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें श्रावक-श्राविकाओं के साथ बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आगामी उत्तम मार्दव धर्म के लिए शांतिधारा का पुण्यार्जन लालचंद-जितेन्द्र-नीरज पहाड़िया परिवार, विमल कुमार-नवीन पाटोदी परिवार, लालचंद-अनिष-मनीष अजमेरा परिवार तथा महेन्द्र कुमार-विशाल-पारस पहाड़िया परिवार ने प्राप्त किया।
मंदिर समिति ने आयोजन में सहभागी सभी श्रावक-श्राविकाओं का आभार व्यक्त किया।
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