कुचामन सिटी नगर परिषद में सभापति पद को लेकर सियासी तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है।
भाजपा ने निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतने वाले महेश रामचंद्रका को सभापति पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने आरिफ खान को सभापति पद का प्रत्याशी चुना है।

आरिफ खान पूर्व सभापति आसिफ खान के बड़े भाई हैं। कांग्रेस की ओर से आरिफ खान के नाम की घोषणा के बाद अब सभापति पद के चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी सामने आ गए हैं।
महेश रामचंद्रका ने नगर परिषद चुनाव में भाजपा से पार्षद पद का टिकट मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रविकांत गट्टानी को 100 वोटों के अंतर से हराया था।

कुचामन नगर परिषद का चुनावी गणित
कुचामन नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 17, भाजपा को 15 और निर्दलीयों को 13 सीटें मिली हैं। 45 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।
ऐसे में सभापति चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि 13 निर्दलीय पार्षदों का रुख किस ओर जाता है।
भाजपा की ओर से विजय सिंह चौधरी एक-एक कर निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि वे निर्दलीय पार्षदों के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर रहे हैं और समर्थन के लिए संपर्क साध रहे हैं। इसी क्रम में कल उन्होंने वार्ड नंबर 19 से निर्दलीय प्रत्याशी गीता देवी के पति लादूराम से भी मुलाकात की।
वहीं कांग्रेस भी सभापति पद के लिए अपने प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत लगा रही है।







