कुचामन सिटी. जैन कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्र के निवासियों द्वारा ताल्लुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार के समक्ष प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र पर न्यायालय में सुनवाई हुई।


न्यायालय के आदेश पर हुई सुनवाई में नगर परिषद आयुक्त की ओर से सफाई निरीक्षक राजेंद्र कुमार उपस्थित हुए।

प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक के साथ प्रार्थी आनंद नेहरा व सुभाष पावड़िया उपस्थित हुए। उन्होंने न्यायालय को बताया कि नगर परिषद द्वारा रिहायशी इलाके में अवैध डंपिंग यार्ड बनाकर आसपास के लोगों का जीवन दुश्वार कर दिया है।
न्यायाधीश बोलीं – वास्तविक तथ्य ही रखें, गुमराह करने की चेष्टा न करें
न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार ने परिषद के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए सफाई निरीक्षक को हिदायत दी कि न्यायालय के समक्ष वास्तविक तथ्य ही रखें, गुमराह करने की चेष्टा न करें। सफाई निरीक्षक द्वारा न्यायालय के समक्ष जो भी तथ्य रखे जाएंगे, उनका सत्यापन न्यायालय कभी भी स्वयं के स्तर पर करवा सकता है।

न्यायालय ने नगर परिषद को कचरे का प्रॉपर तरीके से डिस्पोजल करने व रिहायशी कॉलोनी में कचरा नहीं डालने के सख्त निर्देश देते हुए शहर के बाहर स्थित डंपिंग यार्ड का उपयोग करने तथा सोमवार से कॉलोनी के बीच प्रार्थीगण द्वारा बताए गए स्थान पर डाले हुए कचरे को हटाने के साथ-साथ वहां साफ मिट्टी डलवाने के भी सख्त निर्देश दिए।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय से निवेदन किया कि उक्त सभी निर्देशों की पालना व मॉनिटरिंग उपखंड अधिकारी स्वयं से करवाई जाए।
SDM को काम की मॉनिटरिंग करने के निर्देश
इस पर न्यायाधीश ने उपखंड अधिकारी, कुचामन को निर्देशित किया कि उक्त रिहायशी इलाके के डंपिंग यार्ड से कचरा हटवाकर साफ मिट्टी डलवाने की पूरी देखरेख उपखंड अधिकारी स्वयं करें तथा पालना रिपोर्ट के साथ 13 जुलाई को सभी पक्षकार पुनः न्यायालय में उपस्थित हों।






