नावां शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग सांभर चौराहे पर स्थित क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज पर करीब दो माह पहले भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई थी। लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से इसका असर शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापार और आमजन के जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है।

रोडवेज व निजी बसों का शहर में प्रवेश बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश की सबसे बड़ी नमक मंडी होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहने से नमक परिवहन पर भी असर पड़ने लगा है।
दरअसल, ओवरब्रिज बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। अधिकांश रोडवेज और निजी बसें बाईपास मार्ग से सीधे निकल रही हैं, जिससे यात्रियों को शहर तक पहुंचने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सबसे बड़ी नमक मंडी पर भी असर
नावां प्रदेश की सबसे बड़ी नमक मंडी के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां उत्पादित नमक की आपूर्ति केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार सहित देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर की जाती है। नावां क्षेत्र में देश के कुल नमक उत्पादन का लगभग 10 प्रतिशत तथा राजस्थान के करीब 80 प्रतिशत नमक का उत्पादन होता है।
ऐसे में ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहने से नमक के परिवहन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो नमक की सप्लाई चेन प्रभावित होने के साथ-साथ परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर बाजार में नमक की उपलब्धता और कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि ओवरब्रिज बंद होने से उनके कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
युवा शक्ति ने कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
इधर, युवा शक्ति नावां ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर ओवरब्रिज की शीघ्र मरम्मत कराने और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिया बंद हुए दो माह से अधिक समय बीत चुका है। लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है। रेलवे और नगर पालिका एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कर आवागमन सुचारु नहीं किया गया तो शहरवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन एवं विभागों की होगी।






