कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना के साथ आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत बुधवार को भव्य कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं सिद्धचक्र विधान पूजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।


कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी भंवरलाल, कमला देवी, जूली, आशीष, जीती एवं यश झाझरी परिवार तथा राजेश, मंजूला, मनोज, ममता, अंकित, नीता एवं रम्यक पांडया परिवार को प्राप्त हुआ। इस दौरान 21 श्रावकों ने भगवान का जलाभिषेक कर पुण्यार्जन किया।

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लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार – कार्तिक, फाल्गुन एवं आषाढ़ मास में मनाया जाता है। इन पावन दिनों में नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना गया है।

सुरेश पांडया ने बताया कि कलशाभिषेक के बाद देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन एवं मूलनायक भगवान महावीर की पूजा संपन्न हुई।
इसके पश्चात आयोजित सिद्धचक्र विधान पूजन में श्रद्धालुओं ने 32 गुणों सहित 64 ऋद्धियों के अर्घ्य श्रद्धा, भक्ति एवं विश्व शांति की मंगलभावना के साथ समर्पित किए। विधान में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
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