कुचामन सिटी. बार संघ ने पुलिस थाना चितावा में दर्ज प्रकरण संख्या 95/2026 के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रमेश सोऊ एवं मनोज लोरा के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही किए जाने की चर्चाएं अत्यंत चिंताजनक हैं।


बार संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि गत सितंबर माह में चितावा क्षेत्र में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के प्रकरण ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। मृतका के परिजनों द्वारा इसे हत्या का मामला बताते हुए आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही एवं निष्पक्ष जांच की मांग की जाती रही है।

परिवादी दिनेश अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्षरत रहा है तथा अधिवक्ता रमेश सोऊ एवं मनोज लोरा प्रारंभ से ही उसके विधिक प्रतिनिधि के रूप में कानूनी सहायता प्रदान करते रहे हैं।
बार संघ ने कहा कि संबंधित घटनाक्रम के दौरान दोनों अधिवक्ता अपने मुवक्किल के अधिवक्ता के रूप में उपस्थित थे और अपने पेशेगत दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।

किसी भी अधिवक्ता का अपने मुवक्किल को विधिक सहायता देना, उसके अधिकारों की रक्षा करना तथा उसे कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना उसके व्यवसाय का अभिन्न अंग है। ऐसी स्थिति में केवल अपने पेशेगत कर्तव्यों के निर्वहन के कारण किसी अधिवक्ता को विवादों में घसीटना न्याय व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है।
परिवादी पक्ष को कमजोर करने की आशंका
बार संघ का मानना है कि उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए यह आशंका उत्पन्न हो रही है कि परिवादी पक्ष को कमजोर करने तथा न्याय की मांग को दबाने के उद्देश्य से परिवादी के अधिवक्ताओं को भी अनावश्यक रूप से प्रकरण में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
बार संघ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई स्वतंत्र एवं विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध हो तो विधि के अनुसार निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की जा सकती है, किंतु केवल इस आधार पर कि कोई व्यक्ति परिवादी पक्ष का अधिवक्ता है, उसे जांच अथवा अभियोजन का लक्ष्य बनाया जाना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एवं बाहरी प्रभावों का आरोप
बार संघ ने कहा कि अधिवक्ता रमेश सोऊ एवं मनोज लोरा के विरुद्ध उत्पन्न परिस्थितियां प्रथम दृष्टया राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एवं बाहरी प्रभावों से प्रेरित प्रतीत होती हैं। अतः प्रशासन को अत्यधिक सावधानी, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए।
इसी संबंध में बार संघ, कुचामन सिटी ने स्थानीय न्यायालय में बार संघ के सदस्यों की आपातकालीन बैठक का आयोजन किया और राजनीतिक दुष्प्रेरणा से अधिवक्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाने की भरसक निंदा करते हुए प्रस्ताव लिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
इसी आशय का ज्ञापन पुलिस अधीक्षक जिला डीडवाना-कुचामन का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन विमल नेहरा को सौंपा तथा मांग की गई कि यदि प्रकरण संख्या 95/2026 में अधिवक्ता रमेश सोऊ अथवा अधिवक्ता मनोज लोरा के विरुद्ध किसी प्रकार की पूछताछ, जांच, गिरफ्तारी अथवा अन्य पुलिस कार्यवाही प्रस्तावित हो तो उसकी पूर्व सूचना बार संघ को दी जाए।
अधिवक्ता समुदाय ने दी चेतावनी
बार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि परिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं को उनके पेशेगत दायित्वों के निर्वहन के कारण प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया तो अधिवक्ता समुदाय इसे न्याय व्यवस्था एवं स्वतंत्र वकालत पर प्रत्यक्ष आघात मानते हुए लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होगा।
अनेक अधिवक्ता रहे उपस्थित
अंत में बार संघ ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत कार्यवाही की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर बार संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, भंवराराम ल्योरा, मेघाराम पोषक, ओमप्रकाश पारीक, राजेन्द्र कुमावत, मुरलीधर जोशी, विजेन्द्र बुगालिया, बनवारी लाल शर्मा, अनिल कुमावत, अंशुमान सिंह, अर्जुन कुमावत, यज्ञदत्त रिणंवा, संजय सैन, सुधीर कौशिक, सुखदेव चौधरी, मयूर सैन, मोनिका चौधरी, अनिल कुकडोद, राजेन्द्र कुमावत सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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