डीडवाना-कुचामन जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए लू (हीट वेव) एवं तापघात से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है।


साथ ही फील्ड स्तर पर सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं विकसित एवं सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

जिला कलक्टर अवधेश मीणा ने बताया कि जिले में आगामी दिनों में तापमान और गर्मी में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके मद्देनजर आमजन से अनुरोध है कि दोपहर के समय बिना आवश्यक कार्य के बाहर न निकलें तथा धूप से स्वयं का बचाव करें।
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण आमजन लू की चपेट में आ सकते हैं। लू के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक प्यास लगना, शरीर का तापमान बढ़ना, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी एवं बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सावधानी बरतना आवश्यक है।

इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान :-
एडवाइजरी के अनुसार – आमजन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें, हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साथ ही ओआरएस, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करने की सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें। यदि किसी व्यक्ति को लू लगने की आशंका हो तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लिटाकर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं तथा होश में होने पर पानी या ओआरएस पिलाएं। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपील की है कि तेज धूप में भारी कार्य करने से बचें, मादक पदार्थों का सेवन न करें तथा किसी को भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि “सावधानी ही बचाव है” अतः सभी नागरिक इन निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।






