कुचामन सिटी. ग्राम पंचायत दीपपुरा में राजस्थान सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जनकल्याणकारी रथ पहुंचा। लेकिन कार्यक्रम ग्रामीणों के बीच खास प्रभाव नहीं छोड़ सका।


जिस कार्यक्रम में आमजन की भीड़ की उम्मीद थी, वहां अधिकांश सरकारी कर्मचारी और विभागीय कार्मिक ही नजर आए। ग्रामीणों की उपस्थिति बेहद कम रहने से कार्यक्रम फीका दिखाई दिया।

मंच से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का बखान किया गया। लेकिन गांव के लोगों ने कार्यक्रम में खास रुचि नहीं दिखाई। ग्रामीणों की कम भागीदारी को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी रही।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है और कई ढाणियों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। इसके अलावा नरेगा कार्य समय पर शुरू नहीं होने से मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

किसानों ने भीषण गर्मी, बिजली संकट और खेती की बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार मूल समस्याओं के समाधान की बजाय प्रचार कार्यक्रमों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उनका कहना है कि यदि योजनाएं धरातल पर प्रभावी होतीं तो कार्यक्रम में लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिलती।
जनता पानी के लिए भटक रही, सरकार प्रचार में व्यस्त :-
सामाजिक कार्यकर्ता परसाराम बुगालिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई गांवों में लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। नरेगा के काम समय पर नहीं हो रहे और किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार को जनता की समस्याओं से ज्यादा अपने प्रचार रथों की चिंता है।
बुगालिया ने कहा कि सरकार को मंचों से विकास के दावे करने के बजाय गांवों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। जनता अब भाषण नहीं, समाधान चाहती है। गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा, रोजगार नहीं मिल रहा और किसान संकट में हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये प्रचार पर खर्च करना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
उन्होंने मांग की कि प्रचार अभियानों पर खर्च कम कर गांवों में पेयजल व्यवस्था सुधारने, नरेगा कार्य समय पर शुरू कराने और किसानों की समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए।
कुचामन भाजपा कार्यालय में ग्राम रथ अभियान को लेकर सांसद सी.पी. जोशी का स्वागत






