कुचामन सिटी पुलिस ने ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए ज्वैलर्स को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


यह गिरोह ज्वैलर्स को झांसे में लेकर नकली सोना देकर असली सोने के जेवरात लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने तकनीकी साधनों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर, टैक्सी व ऑटो चालकों और सोशल मीडिया की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा।

यह कार्रवाई ऋचा तोमर (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक, जिला डीडवाना-कुचामन के निर्देशन में की गई। वहीं विमल सिंह नेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन शहर और मुकेश चौधरी, वृत्ताधिकारी कुचामन शहर के सुपरविजन में, सतपाल सिंह, पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी कुचामन सिटी के नेतृत्व में टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।
इस कार्रवाई में कुचामन थाना, शिप्रापथ थाना जयपुर दक्षिण और साइबर टीम का समन्वय रहा।

असली की जगह नकली सोने का खेल
दिनांक 21 अप्रैल 2026 को परिवादी भगवान सोनी निवासी आथुणा दरवाजा कुचामन सिटी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार उनके मोबाइल पर कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को रवि सोनी (बदला हुआ नाम) बताते हुए रवा (सोना का मोती) बनाने का ऑर्डर दिया। सौदे के तहत मजदूरी सहित 22.500 ग्राम 24 कैरेट सोना देने की बात तय हुई।
परिवादी ने ऑर्डर के अनुसार करीब 23.630 ग्राम वजन का रवा (सोना का मोती) तैयार कर लिया। इसके बाद आरोपी ने कहा कि वह अपना आदमी माल लेने भेज रहा है और संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर भी भेजे। कुचामन पहुंचे व्यक्ति ने परिवादी से संपर्क कर असली सोना (23.630 ग्राम) प्राप्त किया और बदले में 22.500 ग्राम 24 कैरेट सोने की डली दे दी।
जब परिवादी ने दुकान पर उस डली की जांच की, तो वह नकली निकली। इसके बाद जब उसने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उनके मोबाइल बंद मिले। इस पर परिवादी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
साइबर सेल और पुलिस की टीम जांच में जुटी : –
घटना की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और पुलिस टीम ने तकनीकी साधनों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबरों, टैक्सी और ऑटो चालकों व सोशल मीडिया के माध्यम से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान गौरव सोनी पुत्र मधुसुदन (उम्र 27 वर्ष) निवासी जोधपुर रोड, ओसियां और सागर सोनी पुत्र ललित सोनी (उम्र 34 वर्ष) निवासी सुंदर नगर, पाली के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने जयपुर दक्षिण के शिप्रापथ थाना क्षेत्र में समन्वय कर दोनों आरोपियों को डिटेन कर गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से सोना का मोती बरामद किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
वारदात का तरीका :-
यह संगठित गिरोह इंटरनेट के जरिए सुनारों के मोबाइल नंबर हासिल करता था और उन्हें बड़े ऑर्डर का लालच देकर संपर्क करता था। विश्वास जीतने के लिए खुद को बड़ा व्यापारी बताता था। इसके बाद भुगतान के रूप में नकली सोने की डली देकर असली सोने के जेवरात लेकर फरार हो जाता था। पहचान छुपाने के लिए आरोपी किराए की कैब का इस्तेमाल करते थे और वारदात के बाद महंगे लग्जरी होटलों में ठहरते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने इंदौर और जयपुर में भी इसी तरह की कई वारदातें करना स्वीकार किया है।
अन्य वारदातों का खुलासा: –
- थाना भवर कुआ, इंदौर में 500 ग्राम सोने की ठगी।
- थाना वैशाली नगर, जयपुर में 105.88 ग्राम सोने की ठगी।
- थाना वैशाली नगर, जयपुर में 66.540 ग्राम सोने की ठगी।
- थाना कोतवाली, जयपुर में 35.50 ग्राम सोने की ठगी।
- थाना झोटवाड़ा, जयपुर में 83.920 ग्राम सोने की ठगी।
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