कुचामन सिटी. न्यायालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर अभिभाषक संघ द्वारा चलाया जा रहा धरना सोमवार को भी जारी रहा।


इस दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डीडवाना-कुचामन से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।

बार संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा, भंवराराम ल्योरा, रमेश चौधरी और ओमप्रकाश पारीक ने न्यायाधीश से भेंट कर बताया कि न्यायालय परिसर में ‘ओपन चैंबर’ में बैठने वाले वकीलों के लिए न तो धूप से बचाव की व्यवस्था है और न ही वर्षा से संरक्षण हेतु कोई शेड उपलब्ध है।
इससे अधिवक्ताओं को अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है। जो उनके आत्मसम्मान और न्यायिक व्यवस्था की गरिमा के विपरीत है।

अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि कई बार निवेदन करने के बावजूद न्यायालय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यहां तक कि जब अधिवक्ताओं ने स्वयं अस्थायी शेड लगाने का प्रयास किया, तो उसे भी अस्वीकार कर दिया गया। इस दौरान अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल द्वारा असहयोगात्मक रवैया अपनाया गया जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
धरने के दौरान अधिकांश अधिवक्ता न्यायालय परिसर में उपस्थित रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे।
निरीक्षण और समाधान का मिला आश्वासन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी और अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि वे मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के साथ स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे और अभिभाषक संघ के साथ चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
अभिभाषक संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अव्यवस्थित व्यवस्था के विरोध में है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी न्यायालय प्रशासन की होगी।

संघ ने निर्णय लिया है कि 21 अप्रैल को भी धरना जारी रहेगा और न्यायाधीश के दौरे के बाद आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र पारीक, प्रेम सिंह बीका, रतनलाल प्रधान, श्रीराम चौधरी, मुरलीधर जोशी, अनिल कुमावत, राजेन्द्र कुमावत, विनोद सिंह, ओमेन्द्र सिंह, यज्ञदत्त रिणंवा, अंशुमन सिंह, सुधीर कौशिक, बोदूराम चौधरी, अर्जुन कुमावत, मुकेश घंसवा, राहुल शर्मा, दिलावर खां सहित महिला अधिवक्ता सुनीता सेनी, प्रियंका पारीक, कोमल पारीक एवं मोनिका चौधरी आदि उपस्थित रहीं।






