कुचामन सिटी. नगर परिषद कुचामन सिटी में विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है।


भाजपा ने कहा कि नगर परिषद में भाजपा के 132 दिनों के सुशासन को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। इस संबंध में नगर परिषद के सभापति सुरेश सिखवाल एवं मंडल अध्यक्ष बाबूलाल कुमावत ने संयुक्त प्रेस नोट जारी किया।

प्रेस नोट में कहा गया कि अल्प समयावधि में राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से भाजपा ने वे कार्य कर दिखाए हैं जो कांग्रेस अपने साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में नहीं कर पाई। भाजपा ने विदाई समारोह के दौरान ही लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से 70 विकास कार्यों का शुभारंभ किया। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को भाजपा ने भ्रामक, तथ्यहीन एवं राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया।
भाजपा ने सवाल उठाया कि नगर परिषद में कांग्रेस के सभापति एवं उपसभापति लंबे समय तक पदों पर रहे। लेकिन उस दौरान शहर के धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों तथा सभी वार्डों में समान विकास के लिए टेंडर क्यों जारी नहीं किए गए।

इसका जवाब कांग्रेस को जनता के सामने देना चाहिए। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में विकास कार्य कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और प्रभावशाली लोगों तक सीमित रहे तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर भी तुष्टिकरण की भावना दिखाई दी।
प्रेस नोट में कहा गया कि वर्तमान भाजपा बोर्ड एवं भाजपा सरकार ने शहर के सभी 45 वार्डों को समान रूप से विकास की मुख्यधारा में शामिल किया है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के तहत सड़कों, नालों, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, सफाई व्यवस्था तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास के लिए पारदर्शी प्रक्रिया से टेंडर जारी किए गए हैं। भाजपा सरकार में 30 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 70 से अधिक विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया है। जिससे विपक्ष हताश होकर बहिष्कार और निराधार आरोपों का सहारा ले रहा है।
साढ़े चार साल सत्ता में रहे, फिर भी समान विकास क्यों नहीं हुआ?
भाजपा ने स्पष्ट किया कि विदाई समारोह और शिलान्यास कार्यक्रम पूरी तरह लोकतांत्रिक, पारदर्शी एवं नियमानुसार आयोजित किए गए थे। इन्हें राजनीतिक आयोजन बताना कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति है। भाजपा ने आरोप लगाया कि धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास का विरोध कर कांग्रेस ने विकास, आस्था और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी नकारात्मक सोच उजागर की है।
नगर परिषद सभापति सुरेश सिखवाल के हवाले से कहा गया कि कांग्रेस द्वारा अंतिम 132 दिनों में लोकतंत्र की अनदेखी के आरोप उनके दोहरे मापदंडों को उजागर करते हैं।
जब उनके शासनकाल में निर्णय लिए गए, तब उन्हें लोकतंत्र क्यों याद नहीं आया। भाजपा ने कहा कि पार्टी हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर कार्य करती रही है, जबकि कांग्रेस विकास और सौहार्द के मुद्दों पर विरोध की राजनीति कर रही है।
एक तरफ बहिष्कार, दूसरी तरफ उपहार लेने पहुंचे कांग्रेसी
भाजपा ने कहा कि विकास पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने कार्यकाल की विफलताओं का जवाब देना चाहिए। साथ ही दावा किया गया कि कुचामन सिटी की जागरूक जनता भेदभाव और वास्तविक विकास के अंतर को समझती है तथा समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से उचित जवाब देगी।
सभापति सुरेश सिखवाल ने यह भी बताया कि विदाई समारोह में उपहार देने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है। भले ही कांग्रेस पार्षदों ने समारोह का बहिष्कार किया हो। लेकिन अधिकांश पार्षदों ने अगले दिन नगर परिषद पहुंचकर विदाई समारोह के उपहार प्राप्त किए।
कुचामन नगर परिषद विदाई समारोह का कांग्रेस पार्षदों ने किया बहिष्कार, सभापति को बताया अवैध






