कुचामन उपखंड के कांग्रेसजनों का कहना है कि राज्य की भाजपानित भजनलाल सरकार का उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री द्वारा प्रस्तुत तीसरा बजट एकदम ही जन आकांक्षाओं के विपरीत एवं दिशाहीन प्रतीत होता है।


प्रदेश कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ महासचिव मुकेश कुमावत प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि कांग्रेस शासन में बजट पेश करने के दौरान कुचामन कस्बे सहित पूरे उपखंड के लिए की जाने वाली विभिन्न घोषणाओं के साथ कुचामन कस्बे का नाम सुनकर गर्व का एहसास होता था।

उन्होंने कहा कि इसकी अपेक्षा वर्तमान भाजपा सरकार के बजट में कुचामनसिटी या उपखंड का किन्हीं घोषणाओं में नाम नहीं आने से क्षेत्र के लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व विधायक व उपमुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी के कार्यों की आज भी लोगों को मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए देखा जा सकता है।
सरकारी कार्यालय कुचामन में बनेंगे या डीडवाना में? सस्पेंस बरकरार
नगर परिषद निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के तीसरे बजट में कुचामन उपखंड के साथ एकदम ही सौतेलेपन की झलक मिलती है।

उन्होंने कहा कि बजट में कुचामन-डीडवाना के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं किए जाने से क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं, किसानों सहित मध्यम वर्ग में सर्वत्र निराशा व्याप्त है। बजट में नए जिलों के लिए सरकारी कार्यालय बनाने की घोषणा तो की गई है, पर यह कुचामन में बनेंगे या डीडवाना में इस पर सस्पेंस बरकरार है। राज्य बजट को देखकर क्षेत्रीय आमजनों में पूर्व विधायक महेन्द्र चौधरी का अपनापन याद आने लगा है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का बजट संकीर्ण एवं संवेदनहीन बजट प्रतीत होता है। इसमें आमजन की मौलिक आवश्यकताओं के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। बजट में कुचामन उपखंड के लिए कोई नवीन घोषणा नहीं की जाने से लोगों में निराशा व्याप्त है। बजट में किसानों, युवाओं व आमजनों के हितों के साथ कुठाराघात हुआ है।
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