कुचामन सिटी सहित पूरा जिला इन दिनों शीतलहर की चपेट में है। ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर रहती है। लेकिन कई गैर-जिम्मेदार निजी शिक्षण संस्थानों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।


दरअसल डीडवाना-कुचामन कलक्टर महेंद्र खडगावत ने सोमवार रात आदेश जारी कर प्री-प्राइमरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बढ़ती ठंड के चलते 3 दिन का अवकाश देने के निर्देश दिए थे। इसी तरह राजस्थान के करीब 20 जिलों में भी संबंधित जिला प्रशासन द्वारा ऐसे ही आदेश जारी किए गए।

हालांकि शिक्षा नगरी के नाम से पहचानी जाने वाली कुचामन सिटी में कलक्टर का आदेश पूरी तरह लागू होता नजर नहीं आया। कई निजी स्कूल संस्थानों ने केवल पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को ही छुट्टी दी जबकि छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया।
कलक्टर के आदेश में स्पष्ट लिखा था कि केवल नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं यथावत संचालित रहेंगी।

सुबह के समय जब कड़ाके की ठंड में छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते नजर आए तो मन में सवाल उठा कि आखिर स्कूल प्रशासन मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के साथ क्यों खिलवाड़ कर रहा है। क्या कलक्टर का आदेश कुचामन में लागू नहीं होता?
बता दें कि कुचामन सिटी में आज अधिकतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिरने की संभावना है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम दिखी हालांकि स्कूल बसें संचालित होती रहीं।







