नावां: विद्या भारती विद्यालय आदर्श विद्या मंदिर में स्वामी विवेकानंद की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई।


इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक अशोक कुमावत ने सभी को स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व गुणों आत्मविश्वास, अनुशासन, सेवा भाव और राष्ट्रभक्ति को अपनाकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह दिवस करियर दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। जो युवाओं को लक्ष्य निर्धारण और कर्मपथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में शिक्षिका कुसुम कुमावत ने स्वामी विवेकानंद के भारतीय संस्कृति से गहरे जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचारों से प्रेरणा लेकर हम सभी को व्यक्तित्व निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के पुनीत यज्ञ में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् की भावना अपनाकर मानव कल्याण के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के भैया सौरभ कुमावत ने स्वामी विवेकानंद के जीवन से संबंधित एक प्रेरक घटना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद के ओजस्वी भाषण ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता का मान विश्व पटल पर गर्व से ऊँचा किया।
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