कुचामन सिटी. चितावा स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा जयंती का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं सामाजिक चेतना के वातावरण में गरिमामय रूप से किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वकर्मा मंदिर समिति चितावा के अध्यक्ष उदाराम जांगिड़ ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए समाज को शिक्षा, संगठन एवं संस्कार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा मंदिर समिति के मंत्री प्रहलाद जांगिड़ ने समिति द्वारा विगत एक वर्ष में किए गए सामाजिक, धार्मिक एवं विकासात्मक कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति द्वारा समाजहित में निरंतर सेवा कार्य, धार्मिक आयोजन एवं सामाजिक सहयोग के कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर समाज की प्रतिभाओं एवं भामाशाहों का सम्मान भी किया गया।
विनोद जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वकर्मा जयंती समारोह में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जांगिड़ समाज के समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा की गई।

वक्ताओं द्वारा विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए गए –
- समाज में महिला शिक्षा को प्राथमिकता देने एवं बालिकाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने पर बल
- युवाओं को नशा, कुरीतियों एवं गलत संगति से दूर रखने का आह्वान
- दहेज प्रथा, दिखावटी खर्च एवं अन्य सामाजिक बुराइयों को त्यागने का संकल्प
- समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग एवं संगठन की भावना को मजबूत करने पर जोर
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ आधुनिक शिक्षा एवं रोजगार को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश

कार्यक्रम में विश्वकर्मा मंदिर समिति की समस्त कार्यकारिणी, वरिष्ठ समाजसेवी, युवा वर्ग एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का समापन समाज उत्थान के संकल्प एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया।
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