कुचामन शहर की पेयजल लाइन लिकेज मामले को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने लोक अदालत के समक्ष रखा था।


अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने आम जनता की समस्याओं को लेकर जलदाय विभाग, पीडब्ल्यूडी, रुडीप व एल एंड टी की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर ताल्लुका विधिक सेवा समिति व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल के समक्ष जनता की व्यथा रखी थी।

इस दौरान अधिशासी अभियंता दशरथराम (जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग कुचामन), अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी के प्रतिनिधि, रुडीप के प्रतिनिधि अनिल सैनी, तथा एल एंड टी प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज हुसैन न्यायाधीश खारोल के समक्ष उपस्थित हुए।
कोर्ट की नाराजगी – सरकारी विभाग हैं, किसी का व्यक्तिगत कार्य नहीं
न्यायाधीश खारोल ने पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर खासा नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग व जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग दोनों ही सरकारी विभाग हैं। किसी का व्यक्तिगत कार्य नहीं। विभाग अपने ईगो को साइड में रखकर जनता की सेवा करें।

उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आगे से पीडब्ल्यूडी, रोड कटिंग परमिशन के लिए पीएचईडी को इंतजार नहीं करवाए।
अधिवक्ता ओमप्रकाश पारिक ने अरावली होटल के सामने स्थित लिकेज का हवाला देते हुए बताया कि तीन-चार बार लिकेज ठीक करने और सड़क निर्माण के बावजूद आज तक स्थिति जस की तस है, जिससे आम जनता को आवागमन में परेशानी हो रही है।
कोर्ट ने सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट मांगी
न्यायाधीश खारोल ने पीएचईडी को निर्देश दिया कि शहर में जितने भी लिकेज हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करके ही कार्य किया जाए।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रदेश प्रतिनिधि रक्षेन्द्र ओझा ने न्यायालय को अवगत करवाया कि विभागों के बीच समन्वय की कमी का सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। न्यायाधीश खारोल ने सभी विभागों को 18 दिसंबर को प्रगति रिपोर्ट के साथ पुनः न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
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