कुचामन सिटी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की अजमेर इकाई ने मुख्यालय के निर्देश पर देर रात्रि बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा पुलिस के साइबर क्राइम थाना सिरसा की टीम को 6 लाख रुपए की संदिग्ध रिश्वत राशि के साथ पकड़ने में सफलता हासिल की है।


यह कार्रवाई 20 दिसंबर 2025 की रात को डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी थाना क्षेत्र के त्रिशिंगिया इलाके में की गई।

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि हरियाणा पुलिस का स्टाफ हरियाणा में दर्ज साइबर क्राइम मामलों की जांच और आरोपियों की तलाश के नाम पर राजस्थान आया हुआ है। इस दौरान टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों को डराने-धमकाने के जरिए अवैध रूप से रिश्वत वसूली जा रही थी और प्राप्त की गई राशि को वाहन संख्या HR-24-GV-2222 से हरियाणा ले जाया जा रहा था।
गोपनीय सूचना के बाद हरकत में आया एसीबी, रातों-रात बिछाया जाल
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेंज डॉ. महावीर सिंह राणावत के सुपरविजन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी चौकी अजमेर वंदना भाटी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। निरीक्षक नरेंद्र सिंह एवं उनकी टीम ने जिला डीडवाना-कुचामन के कुचामन सिटी थाना क्षेत्र में आकस्मिक नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका।

जांच के दौरान वाहन में सवार पुलिस थाना साइबर क्राइम सिरसा (हरियाणा) के उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार एवं अन्य पुलिस स्टाफ के पास से 6,00,000 रुपए की अवैध एवं संदिग्ध रिश्वत राशि बरामद की गई। एसीबी ने राशि को जब्त कर संबंधित अधिकारियों को हिरासत में लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक संगीता श्रीवास्तव के सुपरविजन में मामले की अग्रिम जांच जारी है। जांच में यह भी पड़ताल की जा रही है कि इससे पहले कितने लोगों से अवैध वसूली की गई तथा इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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