कुचामन सिटी. राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पंच गौरव – एक जिला एक उपज (प्याज़) योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार का प्रथम दिन गुरुवार को कुचामन नगर परिषद परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


सेमिनार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक किसानों ने भाग लेकर उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उत्पादन बढ़ाने तथा लागत कम करने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह जाट ने फसलों में मिट्टी के पोषक तत्वों, उनकी कमी के लक्षण एवं संतुलित पोषण प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. ममता देवी ने फसलों में लगने वाली गोजा लट एवं दीमक की रोकथाम के वैज्ञानिक उपाय बताए, वहीं डॉ. लिखमा राम ने प्याज़ की खेती से जुड़ी प्रमुख समस्याओं, उन्नत किस्मों एवं रोग-कीट प्रबंधन पर किसानों को विस्तार से अवगत कराया।

सेमिनार की विशेष कड़ी के रूप में डॉ. धीरज ने किसानों को पशुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बकरी पालन, भेड़ पालन एवं मुर्गी पालन की उन्नत नस्लों, वैज्ञानिक पालन पद्धतियों तथा इन क्षेत्रों में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अनुदान (सब्सिडी) योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बागवानी विभाग से जगदीश प्रसाद, राजेंद्र ढाका सहित समस्त कृषि पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने बताया कि सेमिनार के दूसरे दिन, शुक्रवार को देश के दो प्रतिष्ठित प्याज़ वैज्ञानिकों द्वारा प्याज़ की उन्नत खेती पर विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे। साथ ही वर्टिकल फार्मिंग विषय पर जानकारी दी जाएगी एवं किसानों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में कनिष्ठ अभियंता महेश भगत, चंदु जांगिड़, वैभव दाधीच एवं अभिषेक सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सेमिनार में शामिल किसानों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।






