कुचामन सिटी. शहर सहित जिले भर में गुरुवार को महायोद्धा महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस पूरे सम्मान, गौरव और उत्साह के साथ शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया।


इसी क्रम में कुचामन सिटी में डीडवाना रोड मेगा हाईवे बाईपास स्थित नगर परिषद द्वारा घोषित जाट महाराजा सूरजमल सर्किल पर विश्व जाट महासभा एवं महाराजा सूरजमल सामाजिक विकास संस्था के तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में एलबीएस स्कूल के विद्यार्थियों सहित शहर के गणमान्य नागरिकों ने महाराजा सूरजमल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महाराजा सूरजमल सामाजिक विकास संस्था के अध्यक्ष परसाराम बुगालिया ने कहा कि महाराजा सूरजमल समावेशी सोच के प्रतीक थे और भारतीयता के सच्चे प्रतिनिधि थे। संस्था से जुड़े मुननाराम महला, कमलकांत डोडवाडिया, बिरमाराम बागड़वा एवं झूमरमल बिजारणिया ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

जिला प्रमुख भागीरथ लोरा, भुराराम सेषमा, दानाराम राठी, ज्ञानाराम, पार्षद शुभाष पावड़िया सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श नायक थे। उन्होंने गरीब, कमजोर और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए वीरगति प्राप्त की।
80 युद्ध, कभी पराजय नहीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गाराम चौधरी, रणजीत पौषक एवं बजरंगलाल सेषमा ने बताया कि महाराजा सूरजमल ने लगभग 80 युद्ध लड़े और कभी पराजित नहीं हुए। उनके गौरवपूर्ण पराक्रम का उल्लेख इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है, इसी कारण उन्हें एशिया का प्लेटो भी कहा जाता है।
एलबीएस स्कूल के निदेशक रामदेवा राम खींचड़ ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को महाराजा सूरजमल के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। पशु चिकित्सक डॉ. भतसिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर आनंद नहरा, सुरेश, चेनाराम, महेन्द्र राठी, नरेश, लालाराम खींचड़, टीकूराम, किशोर, रामेश्वर, मनोहर, रणवीर, भीवाराम, सोहनलाल सहित सैकड़ों की संख्या में एलबीएस स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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