कुचामन सिटी. शहर के पर्यावरण और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा ने नगर परिषद के आयुक्त शिकेश कांकरिया को कड़ा निर्देश जारी किया है।


हाल ही में किए गए निरीक्षण में पाया गया कि नगर परिषद कार्यालय के सामने स्थित कुचामन झील के चारों ओर बेतरतीब ढंग से कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे झील पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है। इसके अलावा झील के आसपास बड़ी संख्या में बिलायती बबूल के पेड़ उग आए हैं, जो झील के पारिस्थितिकी तंत्र और सौंदर्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं।

उपखंड अधिकारी ने कहा कि कुचामन झील क्षेत्र का संरक्षण स्थानीय पर्यावरण और जलजीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नगर परिषद के आयुक्त शिकेश कांकरिया को स्पष्ट निर्देश दिए कि झील के अंदर और उसके चारों ओर उग रहे बिलायती बबूल के पेड़ों के संबंध में चर्चा कर उपयुक्त निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही शहर के कचरे को डंप करने के लिए एक निर्धारित और सुरक्षित स्थान चिन्हित किया जाना चाहिए, ताकि झील के आसपास कचरा फेंकने की समस्या रोकी जा सके।

विश्वामित्र मीणा ने नगर परिषद से यह भी कहा कि उपरोक्त सभी उपायों को शीघ्र लागू किया जाए और उनकी पालन रिपोर्ट तुरंत उपखंड अधिकारी को भेजी जाए। उन्होंने साफ किया कि झील के संरक्षण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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