डीडवाना-कुचामन जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जसवंतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एक बलात्कार मामले की जांच के दौरान नियमों की अनदेखी सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।


क्या है मामला –
जसवंतगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने हरियाणा निवासी युवक पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। जांच के दौरान जसवंतगढ़ पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ के लिए हरियाणा पहुंची और बिना वारंट उसे गिरफ्तार कर राजस्थान ले आई।

आरोपी के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए हरियाणा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि उनके बेटे को राजस्थान पुलिस जबरन उठा ले गई है। शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया और पूरी घटना की जानकारी राजस्थान पुलिस प्रशासन को दी।
जांच और कार्रवाई
मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। इस पर डीडवाना-कुचामन की पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने जसवंतगढ़ थानाधिकारी जोगेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल महेश कुमार, कांस्टेबल बबलेश, और महिला सिपाही सुबिता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि पुलिस टीम ने बिना वारंट कार्रवाई की थी, जिसके बाद एसपी ने विभागीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया।

आगे की प्रक्रिया – निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। वहीं, बलात्कार के मुकदमे में आरोपी को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस मुख्यालय को भी इस कार्रवाई की जानकारी भेजी गई है।
बता दें कि कल रात को भी एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया था। वह डीडवाना-कुचामन पुलिस कार्यालय के ऑफिशियल X अकाउंट को संभालता था। इस अकाउंट से राहुल गांधी की एक पोस्ट रिपोस्ट की गई थी, जिसके बाद उस पर भी कार्रवाई की।
खबर – डीडवाना-कुचामन: राहुल गांधी की पोस्ट रिपोस्ट करने पर पुलिसकर्मी लाइन हाजिर






