कुचामन सिटी. कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर आज रूप चतुर्दशी का पावन पर्व बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। छोटी दीपावली के नाम से प्रसिद्ध यह त्योहार पूरे शहर में रौनक लेकर आया है।


सुबह से ही महिलाओं में इस दिन को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक अभ्यंग स्नान (तेल-उबटन से स्नान) के बाद उन्होंने श्रृंगार की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी।


सुबह से ही शहर के पार्लर और ब्यूटी सैलून में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं मेहंदी की खुशबू फैल रही थी, तो कहीं चंदन-हल्दी के फेशियल से चेहरों पर निखार झलक रहा था। महिलाओं ने पारंपरिक आभूषणों और लाल जोड़ों में सजकर त्योहार की रौनक बढ़ा दी। बाजारों और गलियों में त्योहार की चहल-पहल से पूरा शहर गुलजार नजर आया।

रूप चतुर्दशी पर सुंदरता के देवताओं की पूजा के साथ-साथ यम दीपक जलाने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन अभ्यंग स्नान और यमराज के लिए दीपक जलाने से न केवल सौंदर्य की प्राप्ति होती है, बल्कि अकाल मृत्यु और पापों से भी मुक्ति मिलती है। इसी परंपरा के तहत कुचामन सिटी में सूर्योदय से पहले घर-घर में उबटन लगाकर स्नान करने की रस्म निभाई गई।
अब जैसे-जैसे शाम ढल रही है, शहर का माहौल और रंगीन होता जा रहा है। घर-घर में दीपक सज चुके हैं, यमराज के लिए दीपदान की तैयारी जोरों पर है, और बच्चे बेसब्री से पटाखों का इंतज़ार कर रहे हैं। थोड़ी ही देर में गलियों, छतों और चौक-चौराहों पर फुलझड़ियों, अनारों और चक्रीयों की चमक से आसमान जगमगाने लगेगा।






