कुचामन सिटी. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल के आदेशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, कुचामन के जागृति इकाई की सदस्य सुजल महर्षि, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के स्थानीय प्रबंधक ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशे के खतरों के बारे में जानकारी दी


सुजल महर्षि ने कहा कि वर्तमान समय में नशे की लत के भयंकर दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। नशा वह आग है जो धीरे-धीरे इंसान के जीवन को जला देती है। एक बार व्यक्ति इस दलदल में उतर जाता है, तो उसके लिए बाहर निकलना बहुत कठिन हो जाता है। ड्रग्स लेने से व्यक्ति का शरीर कमजोर पड़ जाता है, दिमाग की कार्यक्षमता घट जाती है और मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि नशे में डूबा व्यक्ति समाज से कटने लगता है, परिवार से दूरी बना लेता है और अंततः अपराध या आत्महत्या जैसे रास्तों पर चला जाता है। ड्रग्स न केवल व्यक्ति का बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य भी नष्ट कर देता है।
सुजल महर्षि ने बताया कि इस खतरे को रोकने के लिए सरकार ने एनडीपीएस एक्ट, 1955 लागू किया है, जिसके तहत ड्रग्स का सेवन, तस्करी या व्यापार एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें और युवाओं को खेल, संगीत, पढ़ाई और समाज सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि “युवा देश की रीढ़ होते हैं। अगर युवा नशे में डूब जाएंगे, तो देश की प्रगति रुक जाएगी।”
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