Kuchamadi: एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की सूचना और जयपुर क्राइम ब्रांच की पहल पर इंटरपोल ब्रांच के माध्यम से रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य गैंगस्टर अमित शर्मा उर्फ़ जैक पंडित को अमेरिका से गिरफ्तार कराया गया


अभी वह रोहित गोदारा गैंग के लिए फिरौती की रकम को विदेश में पहुंचाने का काम करता था।

एडीजी क्राइम दिनेश एमएन के अनुसार अमेरिका की कैलिफ़ोर्निया जेल में बंद अमित को भारत लाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि वह लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ था और उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
श्रीगंगानगर से अमेरिका तक — रूट और पहचान के खेल
मूलतः श्रीगंगानगर के मटीली राठआन का रहने वाला अमित शर्मा साल 2021 में देश से भाग गया था। प्रारंभ में वह दुबई भागा, वहां से स्पेन होते हुए अन्य देशों से होकर डंकी रूट के ज़रिये अमेरिका पहुँचा। विदेश भागने के बाद उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए कई नाम अपनाए जैक, सुल्तान उर्फ़ डॉक्टर, पंडित जी और अर्पित ताकि गैंग में उसका असली नाम सामने न आए। जयपुर क्राइम ब्रांच ने रेड कॉर्नर नोटिस और आवश्यक दस्तावेज अमेरिकी एजेंसियों को भेजकर गिरफ्तारी में मदद करवाई।

गैंग का कोषाध्यक्ष और विदेश में फैला फाइनेंस नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि अमित पंडित गैंग का मुख्य कोषाध्यक्ष था। वह विदेश में बैठकर फिरौती की रकम और अन्य अवैध नकदी हासिल करता और हवाला व मनी‑ट्रांज़ैक्शन के विविध मार्गों से उन रकमों को गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता था।
इन पैसों का इस्तेमाल हथियार खरीदने और ड्रग्स के कारोबार के लिए भी होता था। इसके अलावा वह भारत से विदेश भागने वाले गैंग सदस्यों को शरण दिलाने, उनके लिए धन उपलब्ध कराने और फर्जी दस्तावेज़ बनवाने का जिम्मा भी संभालता था।
रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ से जोड़ — शरण और सप्लाई की ज़िम्मेदारी
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि विदेश में रहने वाले रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण और गोल्डी बराड़ लगातार अमित के संपर्क में थे। अमित ने इन्हें और अन्य साथी अपराधियों को विदेश में शरण दिलाई, उनके ठहरने व फाइनेंस की व्यवस्था की तथा बाहर से हथियार व ड्रग सप्लाई के लेन‑देन में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक अमित की विदेशी और स्थानीय नेटवर्किंग इतनी व्यापक थी कि कई समय से उस पर नजर रखी जा रही थी।
लंबे अपराधी रिकॉर्ड
- अमित के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था।
- 29 अप्रैल 2022 को श्रीगंगानगर में अमोद कुमार भगत के घर फिरौती व फायरिंग।
- 26 जनवरी 2022 को जसप्रीत उर्फ़ अमु से अवैध पिस्तौल व कारतूस जब्त, स्रोत अमित बताया गया।
- जनवरी 2024 में श्रीगंगानगर में 6 पिस्टल व 84 कारतूस बरामद, आपूर्ति अमित व योगेश स्वामी ने की।
- अमित, अनमोल और आरजू बिश्नोई सुनील शर्मा की हत्या की कोशिश में षड्यंत्र रचने के आरोप में शामिल।
आगे की कार्रवाई –
जयपुर क्राइम ब्रांच ने अमेरिका को रेड कॉर्नर नोटिस व अन्य कानूनी दस्तावेज भेजे, जिसके आधार पर अमेरिकी पुलिस ने अमित के ठिकानों का पता लगा कर उसे हिरासत में लिया। अब इंटरनेशनल क़ानून और प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं के अनुसार उसे भारत लाकर कड़ी पूछताछ व जांच के लिए प्रस्तुत किया जाएगा ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और उसके विदेशी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
कुचामन सिटी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई, जेके प्लाजा के दो फ्लोर सीज
कुचामन सिटी क्षेत्र के व्यापारी के पास फिर आया वीरेंद्र का कॉल, बोला– खर्चे की व्यवस्था कर
कुचामन सिटी: एडीजी क्राइम दिनेश एम.एम. ने रुलानिया परिवार से की मुलाकात, बोले- जल्द होगा खुलासा






