कुचामन सिटी. लालास गांव में विवाहिता संगीता की संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताने पर पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले को लेकर सैकड़ों लोग चितावा पुलिस थाने के सामने पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे थे। देर रात पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज कर उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की।


प्रदर्शनकारियों ने बताया कि “पुलिस न्याय तो नहीं दे रही, लेकिन लाठियां जरूर बरसा रही है। हम अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए यहां डटे रहेंगे।” उन्होंने मृतका के पति और उसकी प्रेमिका का नार्को टेस्ट करवाने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि पुलिस ने इतनी जल्दबाजी क्यों की और किसके दबाव में ऐसा किया गया।

नावां विधानसभा क्षेत्र के लालास गांव स्थित बगड़ियों की ढाणी में विवाहिता संगीता की संदेहास्पद स्थिति में हुई मौत को लेकर मृतका के पीहर पक्ष और स्थानीय ग्रामीण चितावा थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर आंदोलित हैं। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और हालातों को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने इस मामले को हत्या करार दिया है और उनका संदेह उचित भी प्रतीत होता है।

जनता में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है और चितावा पुलिस थाने के बाहर सैकड़ों लोग संगीता के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
बता दें कि बुधवार रात को कुचामन सिटी में नाबालिग अपहरण मामले को लेकर पुलिस थाने के बाहर चल रहे धरने पर डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर पहुँची थीं। इसके बाद मंत्री विजय सिंह की मौजूदगी में धरना समाप्त हुआ।
कुचामन पुलिस थाने के सामने चल रहा कुमावत समाज का धरना हुआ समाप्त
हालांकि, उसी रात चितावा में संगीता हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और धरने पर बैठे लोगों को हटाने की कोशिश की।
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