Wednesday, April 29, 2026
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डीडवाना-कुचामन पुलिस पर किसका दबाव? संगीता की मौत को आत्महत्या बताने पर बोले हनुमान बेनीवाल

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डीडवाना-कुचामन जिले के नावां विधानसभा क्षेत्र के लालास गांव में विवाहिता संगीता की संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताने पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस पर सवाल उठाए।

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उन्होंने मृतका के पति व उसकी प्रेमिका का नार्को टेस्ट करवाने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस ने इतनी जल्दबाजी क्यों की और किसके दबाव में ऐसा किया गया।

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हनुमान बेनीवाल का बयान

नागौर संसदीय क्षेत्र के डीडवाना-कुचामन जिले की नावां विधानसभा क्षेत्र के लालास गांव में स्थित बगड़ियों की ढाणी में विवाहिता संगीता की संदेहास्पद स्थिति में हुई मृत्यु के मामले को लेकर मृतका संगीता के पीहर पक्ष व स्थानीय ग्रामीण चितावा थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर आंदोलित है। चूंकि घटनास्थल पर जो साक्ष्य मिले हैं और घटना की स्थिति जिस रूप में सामने आई उसको लेकर पीड़ित पक्ष ने इस मामले में हत्या का संदेह व्यक्त किया और उनका संदेह सही भी था। जनता में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

बावजूद इसके डीडवाना-कुचामन जिले की पुलिस ने मृतका के पति, जो दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, उसे गिरफ्तार करके यह वक्तव्य दे दिया कि यह प्रकरण हत्या नहीं आत्महत्या है और हमने हर एंगल से जांच कर ली।

मृतका की तस्वीर।

कुचामन सिटी: लालास में हुए विवाहिता की मौत पर पुलिस बोली- हत्या नहीं आत्महत्या, पति को कोर्ट में पेश किया  – खबर पढ़ें

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उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान के डीजीपी से पूछना चाहता हूं कि एक तरफ इसी जिले के बहुचर्चित रश्मि गौड़ हत्याकांड का आज तक आपकी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई, दूसरी तरफ इस मामले में आपकी पुलिस ने इतनी जल्दबाजी में स्पष्ट जांच करने का दावा करके खुलासा करने की बात किसके दबाव में कही?

चूंकि पीड़ित पक्ष के अनुसार  – विवाहिता का पति और उसकी प्रेमिका, जो दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, बहुत शातिर हैं और इस मामले को उन्होंने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है। ऐसे में पूरे मामले की स्थिति को समझते हुए प्रकरण की जांच प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखते हुए करने की जरूरत थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले में अविलंब संज्ञान लेते हुए तत्काल उच्च अधिकारियों को निर्देशित करके उन्हें मौके पर भेजना चाहिए।

मैंने तीन दिवस पूर्व इस मामले को लेकर डीजीपी, एसपी सहित अन्य अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता भी की थी। मगर पुलिस ने इस प्रकरण को आत्महत्या घोषित करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई? यह प्रश्न आम जनमानस के मन में है।

इस मामले में मृतका के पति और उसकी प्रेमिका सहित सभी संदिग्ध आरोपियों का नार्को टेस्ट भी पुलिस करवाना चाहिए। यदि आवश्यकता पड़ी तो आरएलपी के सदस्य भारी तादाद में चितावा पहुंच जाएंगे।

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