नावां सिटी। निकटवर्ती ग्राम मारोठ में पेयजल समस्या से आहत लोगों का अब आक्रोश फूट गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो अब ग्रामीणों ने संघर्ष का रास्ता चुना है।


जिसको लेकर मंगलवार से ग्राम मारोठ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। ग्रामीणों ने आक्रोश के साथ रैली निकाली। जो केसरिया कवर जी मंदिर से शुरू होकर अंबेडकर सर्किल, मुख्य बस स्टैंड, होते हुए मुख्य बाजार धरना स्थल गोपीनाथ जी मंदिर के पास पहुंची। जहां पर गांव के लोगों द्वारा पानी की समस्या को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए।

ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले उपखंड अधिकारी कार्यालय व जलदाय विभाग सहायक अभियंता को भी ज्ञापन दिए गए थे। ज्ञापन में 7 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी गई थी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई। इसी उपेक्षा और लापरवाही से मजबूर होकर अब ग्रामवासी आंदोलन का रुख अख्तियार करने को विवश हुए।


ग्रामीणों की प्रमुख सात मांगें:-
ग्रामीणों ने अपनी मुख्य सात मांगे बताते हुए कहा कि नियमित पानी की सप्लाई हो व पाइप लाइन की लीकेज दूर की जाए। गांव को नियमित पानी मिले गोविंदी पंप हाउस को बिसलपुर मेन पाइप लाइन से जोड़ा जाए। जल सप्लाई सिस्टम पर ठेकेदार की मनमानी बंद हो। गांव को डीआई पाइप लाइन से जोड़ा जाए। तालाब, नाड़ी, बांध और कुओं का रखरखाव व रिपेयरिंग की जाए। हैंडपंप और ट्यूबवेल सुचारू रूप से चालू हो। इसके साथ ही बावड़ी और कुओं से जलापूर्ति बहाल की जाए।
ग्रामीणों में रोष और प्रशासन को चेतावनी:-
ग्रामीणों का कहना है कि पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि अब भी प्रशासन ने समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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