कुचामन ब्लॉक के घाटवा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेघवालों की ढाणी में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर विद्यालय के शिक्षक प्रदीप कुमार डोगीवाल एवं उदय सिंह कविया ने घुमंतू जाति के बच्चों में शिक्षा की अलख जगा कर अनूठी पहल की।


शिक्षकों की अनूठी पहल से बच्चों का नामांकन बढ़ा
प्रदीप कुमार डोगीवाल ने बताया कि स्थानीय कैचमेंट परिक्षेत्र में झाड़ली तलाई में निवास करने वाले बावरी एवं भोपा समाज के घुमंतू परिवारों से संपर्क किया गया। उन्हें शिक्षा का महत्व समझाते हुए उनके बच्चों को विद्यालय की मुख्यधारा से जोड़ा गया।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुचामन भंवरलाल खोखर भी कुचामन ब्लॉक के विभिन्न स्थानों पर घुमंतू जातियों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं, ताकि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँच सके और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
शिक्षा अधिकारी बोले – कोई बच्चा न रहे वंचित
भंवरलाल खोखर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “विद्यालय परिवार ने इन बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई है तथा धीरे-धीरे अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं। शिक्षकों का उद्देश्य है कि वंचित और घुमंतू समाज के बच्चे शिक्षा से वंचित न रहकर मुख्यधारा से जुड़ सकें।

शिक्षा विभाग, विद्यालय परिवार एवं स्थानीय समुदाय इस पहल की सराहना कर रहे हैं। यह प्रयास शिक्षा की अलख जगाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।
“राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। घुमंतू एवं वंचित समाज के बच्चों को विद्यालय से जोड़ना हमारे लिए बड़ी चुनौती भी है और जिम्मेदारी भी।
शिक्षकगण जिस प्रकार से घर-घर जाकर परिवारों से व्यतिगत संपर्क कर उनको जागरूक कर रहे हैं और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं, वह सराहनीय और प्रेरणादायी कार्य है। हमारा संकल्प है कि कुचामन ब्लॉक के सभी बच्चों तक शिक्षा की किरण पहुँचे और आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या शून्य हो।”
शिक्षक प्रदीप कुमार डोगीवाल का कहना है कि “हमारा उद्देश्य केवल विद्यालय का नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि घुमंतू और वंचित समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भंवरलाल खोखर के निर्देशानुसार हमने झाड़ली तलाई में रहने वाले बावरी एवं भोपा समाज के परिवारों से सीधे संपर्क किया और उन्हें समझाया कि शिक्षा ही उनके बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकती है। खुशी की बात है कि अब ये बच्चे विद्यालय आ रहे हैं और पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं। हमें विश्वास है कि धीरे-धीरे ये बच्चे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे।”
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