Friday, May 1, 2026
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कुचामन में 50 वर्षों में सबसे महंगा हुआ नारियल, जानिए रक्षाबंधन पर भाई के हाथ में श्रीफल रखने से क्या होता है लाभ

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श्रावण मास में श्रीफल (नारियल) चढ़ाकर प्रार्थना करना श्रद्धालुओं की जेब ढीली करने लगा है, तो दूसरी तरफ आने वाले रक्षाबंधन से पहले नारियल के दाम अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।

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कुचामन सिटी के बाजारों में नारियल इन दिनों 50 से 70 रुपए प्रति नग बिक रहा है। रक्षाबंधन तक का समय नारियल की बिक्री के लिहाज से वर्ष का सबसे प्रमुख सीजन होता है। ऐसे में आसार हैं कि रक्षाबंधन से पहले नारियल के दाम बाजार में 100 रुपए प्रति नग तक पहुंच सकते हैं।

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50 से 70 रुपए प्रति नग बिक रहा

गर्मी का मौसम बीतने और मानसून में प्रवेश के साथ ही नारियल के दाम अचानक बढ़ने लगे हैं। अब बाजार भी इस तेजी से हैरान है। प्रदेश की सबसे बड़ी थोक मंडी मुहाना में नारियल के दाम थोक खरीदी पर 35 रुपए प्रति नग के स्तर पर आ गए हैं, जबकि दुकानों और ठेलों पर नारियल 50 से 70 रुपए प्रति नग के भाव से बेचे जा रहे हैं।

इतने ऊंचे रेट कभी नहीं रहे

नारियल कारोबारी श्याम सुंदर लोहिया कहते हैं कि

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“मैं 50 वर्षों से नारियल का व्यापार कर रहा हूं, लेकिन इतने ऊंचे दामों पर नारियल कभी बिकते नहीं देखे। गर्मियों में कीमतें सामान्य थीं, पर अब कुछ ही दिनों में दाम बहुत तेजी से उछले हैं।

अब जो दाम हैं, वे चार दशक में सबसे ज्यादा हैं। मांग और ग्राहकी तो अब बढ़ेगी ही, ऐसे में दाम 40, 50 से 70 रुपए प्रति नग तक पहुंचें तो आश्चर्य नहीं होगा।”

साल की शुरुआत में 20 रुपए था दाम

दुकानदार महावीर जैन के अनुसार – इस साल की शुरुआत में नारियल के भाव 20 से 25 रुपए प्रति नग थे। इसके बाद ये 30 से 35 रुपए प्रति नग बिकने लगे। आम तौर पर 30 रुपए को नारियल के दाम का उच्च स्तर माना जाता है, लेकिन अब तो दाम ने 50 रुपए की सीमा भी लांघ दी है।

बाबूलाल जांगिड़ ने बताया कि “नारियल लेने के लिए बाजार गया तो बस स्टैंड पर नारियल के भाव सुनकर सोच में पड़ गया। जो नारियल पहले 20-25 रुपए का आता था, अब वह 40-50 रुपए से भी ज्यादा में मिल रहा है। 100 रुपए में दो नारियल बड़ी मुश्किल से दे रहे हैं। ऐसे लग रहा है कि रक्षाबंधन के दिन यह 100 रुपए में बिकने लगेगा।”

राखी बंधवाते समय हाथ में क्यों रखते हैं नारियल

रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा।

पंडित जय कुमार शास्त्री ने बताया कि राखी बंधवाते समय हाथ में नारियल रखने के पीछे यह मान्यता है कि भाई को खाली हाथ राखी नहीं बंधवानी चाहिए। राखी बंधवाते समय उसका हाथ हरा-भरा रहना चाहिए, जिससे भाई के हाथ में सदैव मां लक्ष्मी का वास रहे। इसलिए आज भी इस परंपरा का पालन किया जाता है।

लेकिन कुछ लोग राखी बांधते समय भाई के हाथ में सूखा नारियल, जिसे गट या गिट भी कहते हैं, रखते हैं या फिर कोई फल या मिठाई रख देते हैं— जो कि शास्त्रानुसार उचित नहीं है।

इसलिए बहनों को ध्यान रखना चाहिए कि राखी बांधते समय भाई के हाथ में केवल पानी वाला (ताजा) नारियल ही रखें, जिससे भाई की तरक्की हो और धन की कभी कमी न रहे।

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