डीडवाना-कुचामन पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए संगठित गिरोह के मुख्य सरगना पंकज मंडा सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, पासबुक, एटीएम कार्ड, वाहन सहित भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है। बरामद दस्तावेजों और खातों से करीब 36 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर शिकायतों का कनेक्शन सामने आया है।

डीडवाना के आस पास आया हुआ था मुख्य सरगना
पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन ऋचा तोमर (IPS) के निर्देशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु वृताधिकारी डीडवाना धरम पूनिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
दिनांक 28 अगस्त 2025 को टीम द्वारा फील्ड इंटेलिजेंस एवं तकनीकी आधार पर सूचना प्राप्त हुई कि साइबर गैंग का सरगना पंकज मंडा अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों के खाते लेकर ठगी करता है और वर्तमान में डीडवाना के आस-पास आया हुआ है।

इस सूचना पर पुलिस टीम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पाया गया कि पंकज मंडा व उसके साथी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (RJ37UA8206) और यामाहा R15 मोटरसाइकिल (RJ37SE0029) में बैठकर साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त हैं।
पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर पंकज मंडा सहित 6 जनों को दबोच लिया गया।
पुलिस ने स्कॉर्पियो सहित कई चीजें बरामद की
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने विभिन्न बैंकों की 7 पासबुक, विभिन्न कंपनियों के 5 मोबाइल फोन मय सिम, पंजाब नेशनल बैंक के 2 एटीएम कार्ड, एक स्कॉर्पियो गाड़ी (RJ37UA8206) और एक मोटरसाइकिल यामाहा R15 (RJ37SE0029) बरामद किए हैं।
सभी आरोपी डीडवाना के ही रहने वाले है
गिरफ्तार आरोपियों में पंकज मंडा (21) पुत्र पदमाराम निवासी मण्डाबासनी; समीर शेख (20) पुत्र मोहम्मद वकिल निवासी छापरी गेट; गिरधारी कडवासरा (25) पुत्र मगाराम निवासी इन्द्रपुरा, थाना जसवंतगढ़; मोहम्मद शरीफ (25) पुत्र मोहम्मद अयूब निवासी रघुनाथपुरा; शोहफ (25) पुत्र हमीद खां निवासी नागौरी पुलिया, नागौर रोड और अरबाज खान (21) पुत्र मांगु खान निवासी छापरी गेट शामिल हैं। सभी आरोपी डीडवाना क्षेत्र से संबंध रखते हैं।
36 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर शिकायतें, ठगी का तरीका –
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी आपराधिक षड्यंत्र के तहत संगठित साइबर गिरोह के रूप में कार्य करते थे। ये लोग भोले-भाले लोगों को कमीशन, लालच अथवा झांसे में लेकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद साइबर ठगी की राशि को ऑनलाइन / स्कैनर के माध्यम से इन खातों में डलवाकर एटीएम, चेक, ई-मित्र और अन्य माध्यमों से निकालकर मुख्य सरगना तक पहुंचाई जाती थी। इसके बदले आरोपियों को राशि के अनुपात में कमीशन दिया जाता था।
आरोपियों के खातों के विश्लेषण से अब तक देश के विभिन्न राज्यों में करीब 36 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर शिकायतें दर्ज होना पाया गया है, जिनके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
डीजीपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस, राजस्थान, जयपुर एवं श्री राजेन्द्र सिंह (IPS), महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज, अजमेर के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन श्रीमती ऋचा तोमर (IPS) के निकट पर्यवेक्षण तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा (RPS) और वृताधिकारी धरम पूनिया के सुपरविजन में की गई।
पुलिस टीम – थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक अयुब खां, प्रभारी साइबर सैल प्रेमप्रकाश, हेड कांस्टेबल रोशनलाल, कांस्टेबल नेमाराम, कौशल कुमार, महेन्द्र सिंह, प्रेमचंद अडानियां, मनोज कुमार, प्रहलाद सिंह भांमू, नरेन्द्र सिंह, आत्माराम, रवि बारूपाल, तुलसीराम, महिला कांस्टेबल निशा कंवर एवं अन्य पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
यह डीडवाना कुचामन पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। कुछ दिन पहले भी 7 आरोपियों को पिस्टल के साथ मौलासर क्षेत्र में साइबर ठगी करते गिरफ्तार किया था। पढ़ें यह खबर – डीजीपी के निर्देशन में डीडवाना-कुचामन के मौलासर से साइबर सिंडिकेट गैंग के 7 आरोपी गिरफ्तार






