कुचामन सिटी. अभिभाषक संघ की वर्ष 2026 की कार्यकारिणी के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है।


नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्वाचन समिति द्वारा की गई जांच के पश्चात यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार संघ में केवल अध्यक्ष पद पर निर्वाचन (मतदान) होगा, जबकि शेष प्रमुख पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध रूप से चुने गए माने जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता विनोद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की प्राप्ति एवं परीक्षण की कार्रवाई शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न हुई। समिति को प्राप्त नामांकन पत्रों में से जाँच के उपरांत निम्न स्थिति उभरकर सामने आई है।
अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए कुल तीन अधिवक्ताओं ने अपने नामांकन प्रस्तुत किए हैं, जो वैध पाए गए हैं। ये हैं –

- अधिवक्ता दौलत खान
- अधिवक्ता दिनेश सिंह राठौड़
- अधिवक्ता गुलहसन खान
इन तीनों उम्मीदवारों के मैदान में बने रहने से अध्यक्ष पद पर मुकाबला दिलचस्प और बहुकोणीय हो गया है। निर्वाचन समिति के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित तिथि को मतदान की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी और उसी दिन परिणाम की घोषणा भी की जाएगी।
अन्य प्रमुख पदों पर निर्विरोध स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अन्य पदों पर इस प्रकार नामांकन प्राप्त हुए हैं –
- उपाध्यक्ष (दीवानी न्यायालय) – अधिवक्ता श्याम लाल कुमावत
- उपाध्यक्ष (राजस्व न्यायालय) – अधिवक्ता मेवाराम चौधरी
- महासचिव – अधिवक्ता शत्रुघ्न गौड़
- वित्त सचिव – अधिवक्ता श्रीराम चौधरी
- प्रवक्ता / मीडिया सचिव – अधिवक्ता मुकेश घसवाँ
- पुस्तकालय सचिव – बनवारी लाल शर्मा
इन सभी पदों पर केवल एक-एक नामांकन पत्र ही प्राप्त हुआ जो जाँच के पश्चात वैध पाया गया है। अतः निर्वाचन नियमों के अनुसार इन पदों पर चुनाव की आवश्यकता नहीं होगी और इन्हें निर्विरोध रूप से निर्वाचित माना जाएगा। इनकी औपचारिक घोषणा चुनाव परिणाम के साथ ही की जाएगी।
कुछ पदों पर नामांकन न आने से नये समीकरण
निर्वाचन समिति के अनुसार संघ की घोषित अधिसूचना में निर्धारित कुछ पदों पर कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ है।
ऐसे पदों के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता विनोद सिंह ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद, नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को यह अधिकार होगा कि वह अधिवक्ताओं से परामर्श कर संघ के हित में उपयुक्त अधिवक्ताओं का मनोनयन (नामांकन द्वारा नियुक्ति) कर सके, ताकि संघ का कार्य सुचारू एवं पूर्ण संरचना के साथ संचालित हो सके।
प्रक्रिया की पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर
निर्वाचन समिति ने पुनः यह स्पष्ट किया है कि संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों तथा बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नामांकन जाँच के दौरान समस्त अभिलेख, अदेय प्रमाण-पत्र (No Dues Certificate), नामांकन शुल्क तथा अन्य औपचारिकताओं की विधिवत जांच की गई। किसी भी स्तर पर अनियमितता या आपत्ति दर्ज नहीं की गई है।
निर्वाचन समिति ने सभी उम्मीदवारों एवं संघ के सदस्यों से आदर्श आचार संहिता का पालन करने, व्यक्तिगत स्तर पर मर्यादित और गरिमापूर्ण व्यवहार बनाए रखने तथा चुनावी प्रक्रिया को संघ की एकता और सम्मान का माध्यम बनाने की अपील की है।
मतदान के प्रति अधिवक्ताओं से अपेक्षा
निर्वाचन समिति की ओर से कहा गया है कि अध्यक्ष पद पर निर्वाचन के मद्देनज़र सभी अधिवक्ता साथियों से अपेक्षा है कि वे निर्धारित समय पर मतदान केंद्र पर उपस्थित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, ताकि संघ की भावी कार्यकारिणी को मजबूत जनसमर्थन के साथ दायित्व मिल सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि – “अभिभाषक संघ की कार्यकारिणी केवल कुछ व्यक्तियों की नहीं, बल्कि संपूर्ण अधिवक्ता समाज की सामूहिक इच्छा और लोकतांत्रिक समर्थन का परिणाम होती है। अतः सभी अधिवक्ता गण से निवेदन है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान में भाग लेकर इस प्रक्रिया को सफल बनाएं।”
सहायक निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता विजेन्द्र बुगलिया एवं अधिवक्ता राहुल शर्मा ने भी अधिवक्ताओं से मतदान दिवस पर अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की है।
अंत में निर्वाचन समिति ने पुनः स्पष्ट किया कि चुनाव केवल अध्यक्ष पद पर होंगे, शेष पदों पर निर्विरोध चयन हो चुका है तथा जिन पदों पर नामांकन नहीं आए, उन पर आगामी कार्यकारिणी उचित समय पर निर्णय लेगी। चुनाव का यह चरण अभिभाषक संघ कुचामन सिटी के लिए आने वाले कार्यकाल की दिशा और स्वरूप तय करेगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






