कुचामन सिटी में प्रशासन ने अपशिष्ट प्रबंधन में नई ऊंचाइयां तलाश ली हैं। अब घरों और कॉलोनियों के पास ही ड्रेनेज सिस्टम बनाए जाएंगे। मजाक नहीं, सच में ऐसा होने वाला है। इसका एक मॉडल आप ऊपर तस्वीर में देख सकते हैं।

जहां नाली खत्म होती है, वहीं सड़क के पास में ही गंदा पानी एकत्रित करने के लिए कितना अच्छा-सा छोटा-सा गड्ढा खोद दिया गया है।


कह सकते हैं कि हाल में कुचामन लोक अदालत में एक मामला उठा था कि कॉलोनियों के पास डंपिंग यार्ड नहीं बनाए जाएं। अदालत ने साफ कहा था कि ऐसा कहीं नहीं होना चाहिए और अधिकारियों ने माननीय न्यायालय की बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर परिषद का है। अभी इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों के हाथ में है, चुनाव होने बाकी हैं। लेकिन यह व्यवस्था अभी से नहीं चल रही। दो बड़ी पार्टियों का कुचामन नगर परिषद पर एक कार्यकाल में राज रहा। लेकिन किसी ने भी सफाई व्यवस्था सुधारने पर पूरा ध्यान नहीं दिया।
आज हालात ऐसे हो गए हैं कि नालियों के पास ही गड्ढा खोदकर ये सब करना पड़ रहा है। यह तस्वीर कुचामन गौशाला के पास बापू नगर इलाके की है, जहां सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है। लोगों के लिए चुनौती बन गई है कि अपने घर का कचरा डालें तो डालें कहां। कचरा पात्र भी है, लेकिन वह हमेशा भरा रहता है। उसको सफाईकर्मियों द्वारा खाली नहीं किया जाता। सारा कचरा आसपास पड़ा हुआ देखा जा सकता है।

अब यह ऐसा गड्ढा किसने बनाया, यह तो नहीं पता। लेकिन जिम्मेदारी नगर परिषद की होती है कि शहर में ऐसी स्थिति कहीं न हो। बारिश का मौसम है, यहां पानी भरेगा। यह गड्ढा सड़क के इतने करीब बना है कि अगर किसी वाहन सवार की नजर इस पर नहीं पड़ी तो वह हादसे का शिकार हो सकता है। कॉलोनी में कई घर हैं, बच्चे हैं, जो यहां खेलते हैं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता है और किसी की नजर भी नहीं पड़ेगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस स्थिति को सुधारा जाए। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए और इस गड्ढे को पूरी तरह बंद किया जाए।
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