Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: हेमराज चावला ने नगर परिषद में अनुसूचित जाति के लिए...

कुचामन सिटी: हेमराज चावला ने नगर परिषद में अनुसूचित जाति के लिए सभापति पद आरक्षित करने की मांग उठाई

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला ने 74 वर्षों से नगर परिषद सभापति पद पर अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से आगामी निकाय चुनाव में कुचामन नगर परिषद के सभापति पद को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित घोषित करने की मांग की है।

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला ने बताया कि नगर परिषद में अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाता बहुतायत में होने के उपरांत गत 74 वर्षों में यहां अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यक्ष पद की लॉटरी निकालने अथवा आरक्षित घोषित नहीं करने से इसकी संपूर्ण प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण तथा क्षेत्रीय अनुसूचित जाति वर्ग की जनभावना के विरुद्ध प्रत्यक्ष रूप से उपेक्षापूर्ण कार्यवाही प्रतीत होती है।

- विज्ञापन -image description

उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में कुल 385 नगर पालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम (नगर निकाय) हैं। इनमें मात्र कुचामन नगर परिषद को छोड़कर प्रदेश के शेष 384 नगर निकायों में विभागीय नियमानुसार चक्रानुक्रम अथवा आरोही-अवरोही क्रम से अनुसूचित जाति वर्ग के पद आरक्षित होते रहे हैं।

इसके बावजूद वर्ष 1952 से अब तक कुचामन नगर परिषद में अध्यक्ष पद की लॉटरी अथवा आरक्षण में आज तक महाजन, ब्राह्मण, कुमावत एवं मुस्लिम समाज के हरीबक्ष मानधनिया, गोवर्धनलाल शर्मा, गिरधारीलाल शर्मा, रामजीदास कोठारी, इमदाद खान, शौकत खान, हरीश कुमावत, नटवरलाल वक्ता, मधु कुमावत, गोरूलाल कुमावत, यशोदा देवी कुमावत तथा आसिफ खान ही अध्यक्ष/चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं। अर्थात कुचामन नगर परिषद क्षेत्र के अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं की निरंतर उपेक्षा किया जाना खेदजनक एवं अनुसूचित जाति वर्ग विरोधी कृत्य है।

- Advertisement -ishan

कुचामन नगर परिषद क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों नागौर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, जयपुर जिले के जोबनेर, फुलेरा, बगरू, सांभर लेक तथा नावां में अनुसूचित जाति वर्ग का अध्यक्ष पद आरक्षित हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि नगरीय निकायों में आरक्षण वर्ष 1992 में 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से लागू हुआ था। यह कानून 1 जून 1993 से पूरे देश में प्रभावी है। हेमराज चावला ने आगे बताया कि राजस्थान में स्थानीय निकायों (पालिकाओं) के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में सभी निकायों के प्रमुखों – अध्यक्ष, चेयरमैन एवं महापौर पदों का आरक्षण अथवा लॉटरी शीघ्र ही किया जाना है।

उन्होंने कहा कि अब तक अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यक्ष पद से वंचित कुचामन नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने हेतु स्वतः संज्ञान लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वायत्त शासन मंत्री, मुख्य सचिव तथा शासन सचिवालय का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया है।

उन्होंने गत 74 वर्षों से निरंतर उपेक्षित कुचामन नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग हेतु आरक्षित किए जाने का आग्रह किया है, जिससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-टी के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग को आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी कानून की पालना हो सके।

कुचामन सिटी: एसडीएम और आयुक्त ने शिव मंदिर में किया रुद्राभिषेक

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES
- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments