कुचामन सिटी. डीडवाना रोड स्थित 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुकुट सप्तमी के पावन अवसर पर उपसर्ग के विजेता 1008 भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन हुआ।

राजस्थान के 309 निकायों में दो चरणों में होंगे चुनाव, 9 और 11 सितंबर को मतदान; 14 को आएगा परिणाम

महोत्सव के तहत प्रातः 6:15 बजे 21 श्रावकों ने निराहार उपवास रखकर धर्मध्यान किया। आठ बालकों ने भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद विश्व में अमन-शांति की कामना को लेकर भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा कर बहुमान किया गया। पूजा एवं विधान के बाद भगवान के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण लाड़ू श्रद्धा एवं भक्ति भाव से अर्पित किया गया।
जैन धर्म में भगवान पार्श्वनाथ का जीवन वैराग्य, तप, अहिंसा, क्षमा एवं आत्म-साधना का प्रेरणादायी उदाहरण माना जाता है। उन्होंने जीवों को आत्मकल्याण का मार्ग बताते हुए रत्नत्रय-सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान एवं सम्यक चरित्र को मोक्ष मार्ग का आधार बताया। भगवान पार्श्वनाथ ने शाश्वत सिद्धक्षेत्र सम्मेद शिखरजी से निर्वाण प्राप्त किया।

अध्यक्ष लालचंद पहाड़िया ने बताया कि मुकुट सप्तमी के विशेष महत्व को देखते हुए कुचामन में जैन समाज के 71 बालक-बालिकाओं ने उपवास रखकर पूजा-पाठ एवं धर्मध्यान किया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा एवं कल्याण स्तोत्र विधान कर निर्वाण लाड़ू अर्पित किया। शाम को श्रीजी की भव्य आरती भी की गई।
बालक-बालिकाओं को पूजा-विधान अमित पाटोदी, कुचामन एवं रीता गंगवाल, किशनगढ़ ने भक्तिभाव से कराया।
कुचामन सिटी के SDM को सौंपा ज्ञापन, UGC सहित अन्य मांगों पर चुनावों से पहले सरकार को चेतावनी






