कुचामन सिटी. शहर में रुडीप (RUIDP) परियोजना के तहत एल एंड टी कंपनी द्वारा कराए जा रहे सीवरेज एवं पेयजल लाइन कार्यों में अनियमितताओं और अधूरे कार्यों के बीच ‘सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट’ जारी करने की प्रक्रिया का मामला अब लोक अदालत पहुंच गया है।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने इस संबंध में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के समक्ष प्री-लिटिगेशन प्रकरण प्रस्तुत कर आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष डॉ. हरीश कुमावत ने अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक के माध्यम से ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार के समक्ष जनहित से जुड़ा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
प्रार्थना पत्र में बताया गया कि कुचामन शहर में रुडीप परियोजना के तहत एल एंड टी कंपनी द्वारा सीवरेज एवं पेयजल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य की निगरानी अधीक्षण अभियंता रुडीप, उपखंड अधिकारी कुचामन तथा आयुक्त नगर परिषद द्वारा की जानी है। लेकिन संबंधित अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

कई घरों में अब भी कनेक्शन लंबित, जहां जुड़े वहां बदबू बनी मुसीबत
याचिका में उल्लेख किया गया कि पारीक कॉलोनी एवं बालाजी विहार कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में आज भी अनेक घरों के सीवरेज और पेयजल कनेक्शन लंबित हैं। वहीं जिन घरों में सीवरेज कनेक्शन किए गए हैं। उनमें कई स्थानों पर सीवरेज की दुर्गंध पूरे घर में फैल रही है, जिससे लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों को यह कहकर कनेक्शन नहीं दिए गए कि उनका सीवर पाइप नीचे होने के कारण बाद में कार्य किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कोमल पारीक ने न्यायालय को बताया कि नई बिछाई गई पेयजल लाइन से अब तक पूरे शहर में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है। इसके अलावा कई घरों में आज तक पेयजल कनेक्शन भी नहीं दिए गए हैं। इसके बावजूद रुडीप, एल एंड टी तथा संबंधित विभाग नगर परिषद से ‘सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट’ प्राप्त करने के प्रयास कर रहे हैं।
प्रार्थी डॉ. हरीश कुमावत ने न्यायालय को अवगत कराया कि कुछ समय पूर्व भी सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट जारी करने के प्रयास किए गए थे, जिसका नगर परिषद के पार्षदों ने विरोध किया था। साथ ही इस मुद्दे को स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय से आग्रह किया कि शहर में रुडीप परियोजना के सभी लंबित एवं त्रुटिपूर्ण कार्यों को पूर्ण करवाने के बाद ही सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट जारी किया जाए। साथ ही उपखंड अधिकारी की देखरेख में एक समिति गठित कर पूरे कार्य का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाए तथा समिति की संतुष्टि के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
न्यायालय ने नोटिस जारी कर अधिकारियों को किया तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार ने आमजन के हित से जुड़े इस प्रकरण को प्राथमिकता देते हुए दर्ज कर लिया।
न्यायालय ने अधीक्षण अभियंता रुडीप, प्रोजेक्ट मैनेजर एल एंड टी, उपखंड अधिकारी कुचामन तथा आयुक्त नगर परिषद को नोटिस जारी करते हुए 7 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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