कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में अष्ठनिका पर्व के पावन अवसर पर विश्व शांति, अमन-चैन, रोग-शोक एवं भय के निवारण, सर्वसौभाग्य, समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की मंगल भावना के साथ सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्रद्धा एवं भक्ति के साथ शुभारम्भ हुआ।


विधान के दौरान अनन्तानन्त सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना कर विश्व कल्याण एवं समस्त प्राणियों के मंगल की कामना की गई।

लालचंद पहाड़िया ने बताया कि सौधर्म इन्द्र बनकर शांतिधारा एवं जिनवाणी विराजमान कराने का सौभाग्य श्रावकश्रेष्ठी चिरंजीलाल, हीरामणी, अशोक, प्रीति एवं भव्य पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य राजेश कुमार, मनोज कुमार, ममता एवं प्रतीक पांड्या परिवार को मिला।
सुभाष पहाड़िया ने बताया कि प्रातः 6 बजे कलशाभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात देव-शास्त्र-गुरु पूजन, चौबीसी पूजन, भगवान महावीर पूजन, पंचमेरु पूजन, नन्दीश्वर द्वीप पूजन तथा श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन किया गया।

श्रद्धालुओं ने समर्पित किए अर्घ्य
विधान में चिरंजीलाल-हीरामणी पाटोदी, भंवरलाल-कमला देवी झांझरी, तेजकुमार-शकुन्तला बड़जात्या, माणकचन्द-चन्दा देवी काला, सुरेश कुमार-संतोष देवी पांड्या, लालचंद-सुभाषचन्द पहाड़िया तथा विमल-अमित पाटोदी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान सिद्ध के 8 एवं 16 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल कामना की।






