नावां शहर. प्रेम देवी बाजीया हॉस्पिटल एवं इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर साइंसेज, डीडवाना के चेयरमैन एवं अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर राम बाजीया के पुत्र डॉ. सिद्धार्थ बाजीया भारतीय सेना में कमीशंड मेडिकल ऑफिसर बन गए हैं। उनकी पहली नियुक्ति कमांड हॉस्पिटल, उधमपुर में हुई है।


शुक्रवार को पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) में एमबीबीएस बैच H3 (60th) 2021 की पासिंग आउट परेड एवं कमीशन समारोह आयोजित हुआ। समारोह में डायरेक्टर जनरल आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज (DGAFMS) वाइस एडमिरल डॉ. आरती सरीन ने परेड की सलामी लेकर नवचिकित्सकों को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया।

डॉ. सिद्धार्थ बाजीया का जन्म 29 नवंबर 2004 को डीडवाना-कुचामन जिले की नावां तहसील के बीजापुरा गांव में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई और खेलकूद में उत्कृष्ट रहे। वर्ष 2021-22 में 12वीं कक्षा के साथ ही उन्होंने NEET परीक्षा उत्कृष्ट रैंक से उत्तीर्ण कर देश के प्रतिष्ठित AFMC, पुणे में प्रवेश प्राप्त किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वे कॉलेज की बास्केटबॉल टीम के कप्तान रहे और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में AFMC का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम को कई सफलताएं दिलाईं।

पढ़ाई के दौरान उनकी माता का निधन हो गया, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी शिक्षा पूरी कर अपनी माता का सपना साकार किया और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. सिद्धार्थ की बहन डॉ. प्रियंका बाजीया एमडी रेडियोडायग्नोसिस में स्नातकोत्तर अध्ययन कर रही हैं। परिवार में उनके चाचा डॉ. सोहन लाल बाजीया शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ तथा डॉ. प्रह्लाद राम बाजीया जनरल सर्जन हैं। दोनों चाची भी चिकित्सक हैं। सामान्य किसान परिवार से जुड़े बाजीया परिवार के सदस्य चिकित्सा, प्रशासन, शिक्षा एवं इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी राजकीय सेवाओं के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
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