कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुए।


इस दौरान कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित कर विश्व कल्याण, शांति एवं सर्वजन मंगल की कामना की गई।

प्रातःकाल भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य लालचंद, जितेंद्र, नीरज, चिराग पहाड़िया परिवार, विनोद कुमार, सुमित कुमार, विपुल गंगवाल परिवार, सुरेश कुमार, मोहित गंगवाल परिवार तथा ओमप्रकाश, अमित कुमार, विकास एवं विपिन परिवार (डिमापुर वाले) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।
चिरजलाल एवं तेजकुमार बड़जात्या ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार आता है तथा इन पावन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है।

विधान पूजन में भवरलाल झाझरी, विमल कुमार पाटोदी, शांति देवी, पुष्पा अजमेरा, मंजू, संतोष, चंदा देवी काला, कमला देवी, हीरामणी, कुसुम पाटोदी, मैना देवी, सुशीला, सलोचना, सरला, रेखा पहाड़िया, कमला देवी झाझरी, ज्ञानमती, आभा, संतोष, हीरा, विनीता, ममता, तारा देवी पांड्या, मंजू, सुनीता गंगवाल, बेबी काशलीवाल एवं राजकुमारी पाटनी सहित अनेक श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजन कर पुण्यार्जन किया।
सुरेश पांड्या एवं माणकचंद काला ने बताया कि कलशाभिषेक के बाद देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन तथा मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा संपन्न हुई। इसके उपरांत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान में कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित किए गए।
विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा विश्व शांति, सद्भाव और सर्वजन कल्याण की मंगलकामना की।






