कुचामन सिटी. पीएम आवास के पास धरने पर बैठे कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं को कल हिरासत में लिया गया। इसे शहर के कांग्रेस नेताओं ने खेदजनक बताया है।


उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों के दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर यह धरना दिया जा रहा था।

निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत एवं प्रदेश ओबीसी प्रकोष्ठ के महासचिव मुकेश कुमावत ने कहा कि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सुप्रिया सूले, अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं को जबरन घसीटकर हिरासत में लिया गया। उन्हें वाहन में बैठाने के दौरान राहुल गांधी की नाक से खून निकलना तथा उनके पैर से जूता निकलकर गिर जाना जैसे घटनाक्रम अत्यंत खेदजनक हैं।
केन्द्र सरकार बौखला गई – हेमराज चावला
हेमराज चावला ने बताया कि लोकतंत्र में सहमति या असहमति व्यक्त करना प्रत्येक व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। इस प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई केन्द्र सरकार की बौखलाहट को दर्शाती है। केन्द्र सरकार छात्र, युवा, किसान, मजदूर, कांग्रेस सहित किसी भी विपक्षी दल की बात सुनना तक नहीं चाहती, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा प्राप्त है। सामान्य शिष्टाचार के नाते ज्वलंत मुद्दों का ज्ञापन लेकर प्रधानमंत्री आवास पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष की बात आदरपूर्वक सुनी जानी चाहिए थी। इसके बजाय उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह देश की आजादी के बाद की सबसे शर्मनाक घटनाओं में से एक है। देशहित में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।






