कुचामन सिटी की जैन कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्र के निवासी आनंद नेहरा, सुभाष पावड़िया, ओमप्रकाश सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने आबादी के बीच कचरा डंप किए जाने से उत्पन्न गंभीर समस्या को लेकर स्थायी लोक अदालत की शरण ली है।


इस संबंध में ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार के समक्ष अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया।

आवेदन में बताया गया है कि नगर परिषद द्वारा लंबे समय से रिहायशी क्षेत्र के निकट कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों का प्रकोप, प्रदूषण तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस संबंध में नगर परिषद एवं संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपे गए। लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कचरा डंपिंग के कारण आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है तथा बच्चों, बुजुर्गों सहित आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

परिवादियों ने स्थायी लोक अदालत से मांग की है कि आबादी क्षेत्र में कचरा डालना तत्काल बंद कराया जाए, कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा आमजन के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

अदालत ने अधिकारियों को किए नोटिस जारी
मामले की गंभीरता एवं आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े होने को देखते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार ने संबंधित अधिकारियों को 4 जुलाई को न्यायालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के नोटिस जारी किए हैं।
इस प्रकरण में परिवादियों की ओर से अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक, अधिवक्ता कोमल पारीक एवं अधिवक्ता प्रियंका पारीक स्थायी लोक अदालत में पैरवी कर रहे हैं।
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