राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण बारूपाल के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मिला। इस दौरान शिक्षक हितों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा गया।


प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सभा अध्यक्ष सत्य प्रकाश, प्रदेश महामंत्री सोहन जोरम, सचिवालय महामंत्री नेमाराम मेघवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष मुरारी लाल बेरवा, प्रदेश उपाध्यक्ष मानसिंह मेहरा, जयपुर जिला अध्यक्ष नेमीचंद पालीवाल, सतीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश महामंत्री सोहन जोरम ने बताया कि संगठन द्वारा 24 जून को चलाए गए प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान के तहत प्रस्तुत मांगपत्र की प्रति शिक्षा मंत्री को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों पर स्थानांतरण प्रतिबंध हटाने, लंबित डीपीसी एवं रिव्यू डीपीसी शीघ्र सम्पन्न कराने, प्रधानाचार्य एवं उपप्रधानाचार्य की लंबित काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने, छात्रवृत्ति दरों में वृद्धि करने तथा पदोन्नति के बाद समाप्त हो रहे फारगो विकल्प को बहाल करने की मांग की गई।

संगठन ने सुझाव दिया कि डीपीसी काउंसलिंग के समय ही फारगो का विकल्प उपलब्ध कराया जाए अथवा पदोन्नति के बाद छह माह के भीतर पूर्व पद पर रिवर्ट होने का अवसर दिया जाए, ताकि पारिवारिक एवं स्वास्थ्य कारणों से तत्काल पदोन्नति ग्रहण नहीं कर पाने वाले शिक्षकों को राहत मिल सके।
इसके अलावा शिक्षक हितों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री ने संगठन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सभी विषयों पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्ण विचार करने का आश्वासन दिया। संगठन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार शिक्षक हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर शीघ्र निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करेगी।
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