कुचामन सिटी. पीएम श्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में “सफलता के सूत्र एवं संस्कार : जीवन का आधार” विषय पर प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय पीजी महाविद्यालय बाड़मेर के वाणिज्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डी.पी. शर्मा उपस्थित रहे।

लगभग 45 वर्षों तक अध्यापन कार्य करने वाले तथा 25 वर्षों तक एनसीसी में सेवाएं देकर भारत सरकार से मेजर रैंक प्राप्त कर चुके प्रो. शर्मा ने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में संस्कार, अनुशासन और परिवार के महत्व को समझाया।
प्रो. शर्मा ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का अच्छा या बुरा आचरण केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे विद्यालय, परिवार और समाज की छवि भी प्रभावित होती है। यदि एक विद्यार्थी उत्कृष्ट कार्य करता है तो लोगों में पूरे विद्यालय के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है, वहीं गलत कार्य पूरे परिवार और विद्यालय के लिए नकारात्मक संदेश देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं होना चाहिए, बल्कि बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और नैतिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “संस्कार ऑनलाइन नहीं खरीदे जा सकते, संस्कार परिवार से प्राप्त होते हैं।”
विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजू चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार व्यक्ति के जीवन में वृक्ष की जड़ों का कार्य करता है। जिस प्रकार जड़ों से अलग होने पर वृक्ष धीरे-धीरे सूखने लगता है, उसी प्रकार परिवार से दूर होकर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और आत्मिक सुख प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और नैतिक संस्कारों को भी अपने जीवन का आधार बनाएं।
सफलता के साथ संस्कार भी आवश्यक :-
इस अवसर पर विद्यालय के उपप्रधानाचार्य एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. भंवरलाल गुगड़ ने कहा कि आज अनेक युवा सफलता प्राप्त करने के बाद परिवार और समाज से कट जाते हैं। थोड़ी सी प्रसिद्धि मिलने पर जब विपरीत परिस्थितियां आती हैं तो वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं। इसका मुख्य कारण संस्कारों की कमी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति व्यक्ति को धैर्य, साहस, संयम और संघर्ष करना सिखाती है।
डॉ. गुगड़ ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता केवल बड़ा पद प्राप्त करने का नाम नहीं, बल्कि परिवार, समाज और सहकर्मियों के साथ जुड़े रहकर जीवन जीने में ही वास्तविक सफलता निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा भारतीय संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान :-
इस अवसर पर पृथ्वी दिवस के मौके पर पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं मोनिका कुमावत, हर्षा चौहान एवं कोमल तथा रविंद्र नाथ टैगोर जयंती के अवसर पर चार्ट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रेम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली मोनिका को प्रो. शर्मा के हाथों “सेलो” के शानदार बोटल्स देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपप्राचार्य सीमा महरोलिया, हकीम अली खान सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यार्थियों ने प्रो. शर्मा द्वारा संस्कारों और सफलता के सूत्रों पर प्रस्तुत विचारों की सराहना करते हुए उन्हें जीवनोपयोगी बताया।
कुचामन सिटी: मातृ दिवस पर माताओं का सम्मान, सेवा व संस्कारों को किया नमन






