कुचामन सिटी के सबसे बड़े राजकीय चिकित्सालय में रविवार 3 मई 2026 की सुबह डॉक्टरों की अपने मरीजों के प्रति लापरवाही दिखने को मिली। डॉक्टर पेशेंट्स को अटेंड तो कर रहे थे। लेकिन अपने प्राइवेट क्लीनिक से। वहीं राजकीय अस्पताल में तेज गर्मी में मरीज घंटों इलाज के लिए परेशान होते रहे।


दरअसल आज सुबह स्थानीय निवासी गजेंद्र कासोटिया अस्पताल पहुंचे और उन्होंने यह अव्यवस्था देखी और इसके खिलाफ शिकायत भी की।

उन्होंने बताया कि वे बीमार थे और अस्पताल इलाज करवाने पहुंचे। लेकिन उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि सुबह करीब 10:30 बजे तक अस्पताल के अधिकतर डॉक्टर अपने कक्षों में मौजूद नहीं थे। जिस डॉक्टर को उन्हें दिखाना था, वे फोन पर बार-बार “10 मिनट में आने” की बात कहकर टालते रहे। उनके कक्ष के बाहर लंबी कतार लगी हुई थी मरीज परेशान हो रहे थे।
जब लंबे समय तक डॉक्टर वहां नहीं पहुंचे तो परेशान होकर गजेंद्र कासोटिया ने जिला कलक्टर अवधेश मीणा से फोन पर संपर्क किया और अपनी शिकायत बताई तथा डॉक्टरों की लापरवाही का मामला उनके सामने रखा।

उनका कहना है कि कलक्टर से बात करने के करीब 15 मिनट के भीतर ही अस्पताल में डॉक्टर पहुंच गए और व्यवस्थाएं अचानक सामान्य हो गईं। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि अगर शिकायत नहीं की जाती तो मरीजों को कितनी देर और इंतजार करना पड़ता।
मरीज रोज करते है घंटों तक इंतजार, प्राइवेट क्लीनिक में दिखाने को मजबूर
अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है बल्कि यहां अक्सर ऐसा ही होता है। लोगों का आरोप है कि कई डॉक्टर सरकारी अस्पताल में समय देने के बजाय अपने निजी क्लीनिक में मरीजों को देखने में ज्यादा रुचि रखते हैं ताकि वहां ज्यादा फीस ली जा सके।
बताया जा रहा है कि कुछ डॉक्टर अपने निजी क्लीनिक पर 200 से 300 रुपए तक की फीस लेकर मरीज देखते हैं। जिससे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसी स्थिति में मरीज मजबूर होकर या तो अस्पताल में घंटों इंतजार करते हैं या फिर उन्हीं डॉक्टरों के निजी क्लीनिक पर जाकर पैसे देकर इलाज कराते हैं।
इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है और मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। सर्दी-जुकाम के मरीजों के साथ-साथ अन्य मौसमी बीमारियों के लोग भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति से हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं और लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
स्थानीय लोगों की मांग :-
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाए और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि आम जनता को बिना भटकाव के सही समय पर इलाज मिल सके।






