CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


झुंझुनूं जिले के छात्र युग जाखड़ पुत्र नरेश जाखड़ जो कि झुंझुनूं अकैडमी (राजस्थान) के विद्यार्थी हैं। उनके परीक्षा परिणाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।


परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट था। मार्कशीट में फिजिक्स विषय में छात्र को 23 अंक प्राप्त होना दर्शाया गया था। इसके बाद छात्र ने CBSE के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी उत्तरपुस्तिका देखने हेतु आवेदन किया।
जब CBSE द्वारा ऑनलाइन उत्तरपुस्तिका दिखाई गई तो उसमें केवल 14 अंक ही अंकित थे, जबकि वास्तविक परिणाम में 23 अंक दर्शाए गए थे। इतना ही नहीं छात्र को दिखाई गई उत्तरपुस्तिका भी पूरी तरह संदिग्ध प्रतीत हुई। उत्तरपुस्तिका में केवल पहला पृष्ठ जिस पर छात्र का रोल नंबर एवं अन्य विवरण अंकित थे। वही छात्र का दिखाई दिया जबकि बाकी पृष्ठों की हैंडराइटिंग छात्र की वास्तविक लिखावट से बिल्कुल मेल नहीं खाती।

छात्र एवं परिजनों का कहना है कि दिखाई गई कॉपी न तो छात्र की हैंडराइटिंग से मेल खाती है और न ही वह उसकी वास्तविक उत्तरपुस्तिका प्रतीत होती है। ऐसे में यह मामला CBSE की उत्तरपुस्तिका स्कैनिंग, अपलोडिंग अथवा मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही की ओर संकेत करता है।
यह मामला विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए अभिभावकों एवं आमजन ने CBSE से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा छात्र को न्याय दिलाया जाए।
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