कुचामन सिटी. राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य (रेसा-पी) पदोन्नत प्राचार्यों की चयन तिथि अंकन नहीं करने पर निदेशालय के विरुद्ध आमरण अनशन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा।


संघ के अतिरिक्त महामंत्री डॉ. दिलीप कुमार पारीक ने बताया कि शिक्षा मंत्री द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों एवं शासन से जारी आदेशों के बावजूद सत्र 2015-16 से 2019-20 तक पदोन्नत प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि अंकन का कार्य आज दिनांक तक निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर स्तर पर दीर्घावधि से लंबित है।

सत्र 2015-16 से 2019-20 तक पदोन्नत प्रधानाचार्यों में से केवल 1970 प्रधानाचार्यों (1410 प्रधानाध्यापक पद से पदोन्नत एवं 560 प्राध्यापक पद से पदोन्नत), जो सत्र 2017-18 में पदोन्नत हुए थे। उनकी पदोन्नति तिथि 01.04.2017 का अंकन आदेश दिनांक 07.12.2022 को निदेशालय स्तर से जारी किए जा चुके हैं। मात्र कुछ प्राचार्यों की तिथि अंकन कर शेष को छोड़ देना निदेशालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्नवाचक चिन्ह खड़ा करता है।
पदोन्नति तिथि अंकन नहीं होने से 8000 प्रधानाचार्य अब भी लाभ से वंचित :-
दिनांक 03 मार्च 2015 को वित्त विभाग से 4999 प्रधानाचार्य पदों की स्वीकृति के स्पष्ट आदेश जारी होने के उपरांत भी निदेशालय के डीपीसी विभाग में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिथिलता के कारण उक्त अवधि में पदोन्नत लगभग 8000 प्रधानाचार्य आज भी अपने नाम के सम्मुख पदोन्नति तिथि अंकन से वंचित हैं, जिससे प्रधानाचार्य वर्ग में असंतोष व्याप्त है।

जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह चारण एवं जिला मंत्री जयनारायण रैगर ने बताया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा 05 मई 2026 को जारी परिपत्र एवं निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान द्वारा 22.05.2026 को जारी आदेशानुसार समस्त सेवारत विभागीय कार्मिकों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारणों की पुनः जांच भी की जानी है। तिथि अंकन के अभाव में उक्त जांच से प्रधानाचार्य वर्ग को भारी वित्तीय नुकसान की आशंका है।
सरकार की मंशा और सचिव स्तर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निदेशालय के कार्मिकों द्वारा चयन तिथि अंकन नहीं किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
8 जून को धरना-घेराव, फिर आमरण अनशन :-
राज्य स्तर पर संघ द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 7 दिवस में प्रधानाचार्यों की तिथि अंकन नहीं होने की स्थिति में संगठन के प्रधानाचार्यों द्वारा 08 जून 2026 को शिक्षा निदेशालय, बीकानेर पर एक दिवसीय धरना एवं घेराव किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नव सत्र प्रारंभ होने के प्रथम दिन से ही संगठन द्वारा निदेशालय पर आमरण अनशन एवं धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
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